शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व को देखते हुए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। त्योहार के दिनों में धार्मिक भावनाओं और शहर की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नगर निगम सीमा क्षेत्र में मांस की बिक्री पर पूरी तरह से ताला लगाने का फैसला लिया गया है। महापौर के निर्देशों के बाद नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त की ओर से इस बाबत विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है। यह पाबंदी रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक पूरे नौ दिन प्रभावी रहेगी। निगम के इस कदम के बाद स्थानीय मीट कारोबारियों और नॉनवेज परोसने वाले होटलों-रेस्टोरेंटों में हलचल तेज हो गई है।
लापरवाही पर भारी जुर्माना
नगर निगम के जारी आदेश में साफ कहा गया है कि नौ दिनों की इस अवधि के दौरान शहर के किसी भी हिस्से में खुले या बंद तरीके से कच्चा मांस नहीं बेचा जा सकेगा। इसके अलावा उन सभी रेस्टोरेंट, ढाबों और भोजनालयों पर भी रोक रहेगी जहां पका हुआ मांसाहारी खाना परोसा या बेचा जाता है। अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि तय तारीखों के बीच यदि कोई भी दुकानदार या प्रतिष्ठान संचालक चोरी-छिपे मांस बेचते या खिलाते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही ऐसे दुकानदारों पर भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा।
निगरानी के सख्त बंदोबस्त
आदेश को केवल कागजों तक सीमित न रखकर जमीन पर पूरी तरह लागू कराने के लिए भी नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। नगर निगम ने पुलिस क्षेत्राधिकारी और खाद्य सुरक्षा विभाग को पत्र भेजकर अपने स्तर से लगातार चेकिंग अभियान चलाने को कहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी और सफाई निरीक्षकों को बाजारों में नियमित निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही पूरे शहर में प्रचार वाहन दौड़ाकर मुनादी कराई जा रही है, ताकि सभी मीट व्यापारियों, होटल संचालकों और आम जनता तक यह जानकारी समय रहते पहुंच जाए और नियमों की अनदेखी न हो।
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