रुद्रपुर में कुदरत की मार झेल रहे किसानों का सब्र आखिरकार टूट गया। हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई धान की फसल का सही मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर तहसील परिसर में जमकर हंगामा हुआ। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की अगुवाई में पहुंचे किसानों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी की। देखते ही देखते माहौल इतना गर्मा गया कि प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम अमृता शर्मा का घेराव कर लिया। किसानों ने साफ कहा कि उन्हें फसल तबाही के बदले कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा मिलना चाहिए।

​लागत 25 हजार, मदद सिर्फ पौने सात हजार

एसडीएम से बातचीत के दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने प्रशासन की नीतियों पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि समय पर धान की खरीद शुरू न होने की वजह से किसानों की तैयार फसल खेतों में ही पड़ी-पड़ी सड़ गई और बाकी बची-कुची कसर प्राकृतिक आपदा ने पूरी कर दी। किसान बुआई से लेकर कटाई तक प्रति एकड़ करीब 25 हजार रुपये लगा देता है, जबकि सरकार मुआवजे के नाम पर महज पौने सात हजार रुपये देने की बात कह रही है। यह तो ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है। उन्होंने चेताया कि अगर किसानों का हक मारा गया तो सरकारी मंत्रियों और अफसरों को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा।

​आश्वासन के बाद शांत हुए प्रदर्शनकारी


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घेराव और नारेबाजी के बीच एसडीएम अमृता शर्मा ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से सीधी बात की। उन्होंने किसानों का दर्द सुना और भरोसा दिया कि उनकी मांगों और ज्ञापन को जल्द से जल्द शासन तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद ही किसान थोड़ा शांत हुए। प्रदर्शन में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अशोक राय, करनैल सिंह, ओमपाल सिंह, सुक्खा भुसरी, सन्नी फुटेला, हुकुम सिंह, जसवीर सिंह, राजपाल, सोमपाल, चरण सिंह, त्रिलोक सिंह, गुरूवंत सिंह, खुर्शीद हसन, रहीस अहमद, प्रीतम सिंह, प्रेम सिंह, अजय सिंह, लाल सिंह, नंदू, सूरज सिंह, पवन सिंह, सतनाम सिंह, रईस अहमद, मोहम्मद हामिद, सरफराज अली, नत्थू लाल, सज्जाद हुसैन, नाजिम हुसैन और आबिद हुसैन सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि जब तक किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम और तबाही का सही मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

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