रामपुर, (उत्तराखण्ड तहलका): केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) उत्कृष्टता केंद्र (सीओई), देहरादून क्षेत्र द्वारा भानु प्रताप पब्लिक स्कूल, शारदा नगर, डिबडिबा, बिलासपुर (रामपुर) में "पर्यावरण शिक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण" विषय पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण (टीचर ट्रेनिंग) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को पर्यावरणीय मुद्दों की गहन समझ प्रदान करना और उन्हें कक्षा शिक्षण में पर्यावरण जागरूकता को समाहित करने की नवीन और प्रभावी रणनीतियों से लैस करना था।

उद्घाटन और प्रेरणा:

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक उत्साह और आध्यात्मिक परंपरा के साथ हुआ। भानु प्रताप पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्या महेश चन्द्रा के नेतृत्व में, ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष शुभ दीप प्रज्वलन किया गया, जिसने शिक्षा, चिंतन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता से भरे दिन की औपचारिक शुरुआत की।


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​स्वागत भाषण में, टीजीटी (विज्ञान) पवन तिवारी ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने युवा मन में पारिस्थितिक संवेदनशीलता विकसित करने और छात्रों को भविष्य का ज़िम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया।

विशेषज्ञों का मार्गदर्शन:

प्रशिक्षण सत्रों का संचालन प्रख्यात संसाधन व्यक्तियों - सजल सरोहा और सुश्री उपासना यादव ने किया, जो पर्यावरण शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने संवादात्मक चर्चाओं, उत्साहवर्धक समूह गतिविधियों और विचारोत्तेजक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों को सतत (Sustainable) प्रथाओं, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के तरीकों और स्कूली पाठ्यक्रम में पर्यावरणीय अवधारणाओं के प्रभावी एकीकरण पर केंद्रित किया।

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सीखने और संकल्प का दिन:

पूरे दिन, शिक्षकों ने सक्रिय रूप से विचारों का आदान-प्रदान किया, अपने कक्षा अनुभवों को साझा किया और छात्रों को पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करने के रचनात्मक उपायों की खोज की। इन सत्रों ने न केवल शिक्षकों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाया, बल्कि उन्हें पारिस्थितिक संतुलन और सतत जीवन को बढ़ावा देने में स्वयं एक आदर्श (Role Model) बनने के लिए भी प्रेरित किया।

​अपने समापन संबोधन में, भानु प्रताप पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्या महेश चन्द्रा ने सीबीएसई, देहरादून क्षेत्र का हार्दिक आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इस सार्थक कार्यक्रम के आयोजन के लिए उनके विद्यालय का चयन किया। उन्होंने संसाधन व्यक्तियों के गहन मार्गदर्शन और सभी प्रतिभागी शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी तथा सकारात्मक ऊर्जा की विशेष रूप से सराहना की।

​कार्यक्रम का समापन सभी शिक्षकों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और शिक्षा में पर्यावरणीय मूल्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करने की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। यह शपथ सुनिश्चित करती है कि अगली पीढ़ी प्रकृति और उसके संसाधनों के प्रति गहन सम्मान के साथ बड़ी हो।

​यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक बड़ी सफलता रही, जिसने प्रत्येक प्रतिभागी शिक्षक को पर्यावरण संरक्षण के नेक कार्य में उत्साह और दृढ़ संकल्प के साथ योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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