कानपुर (उत्तराखण्ड तहलका): दवा की कीमत को लेकर हुए विवाद के बाद एक 22 वर्षीय Law Student अभिजीत सिंह चंदेल पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उसका पेट फट गया और दो उंगलियाँ काट दी गईं। इस घटना से यूपी पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। घटनाक्रम विवाद और हमला: शनिवार (25 अक्टूबर 2025) को रात करीब 9 बजे, केशवपुरम निवासी Law Student अभिजीत सिंह चंदेल रावतपुर में एक मेडिकल स्टोर पर दवा लेने गए थे। दवा की कीमत को लेकर उनका दुकान मालिक अमर सिंह चौहान से झगड़ा हो गया। इसके बाद चौहान ने अपने भाई विजय सिंह और दो अन्य साथियों, प्रिंस श्रीवास्तव और निखिल तिवारी के साथ मिलकर अभिजीत पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। क्रूरता: हमलावरों ने अभिजीत के सिर और पेट पर चापड़ से कई वार किए। हमले में Law Student अभिजीत का पेट फट गया, जिससे आंतें बाहर आ गईं, और हाथ की दो उंगलियाँ भी कट गईं। पीड़ित को अस्पताल ले जाना: हमले के बाद खून से लथपथ अभिजीत सड़क पर गिर गए। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उनकी बाहर निकली आंतों को कपड़े से बांधकर कई अस्पतालों में ले गए, लेकिन गंभीर हालत के कारण उसे भर्ती नहीं किया गया। आखिरकार उसे रीजेंसी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उसकी दो घंटे की सर्जरी हुई और सिर में 14 टाँके लगाए गए। यह भी पढ़ें: ट्रंप ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध पुलिस पर आरोप गलत केस दर्ज करना: Law Student अभिजीत की माँ, नीलम सिंह चंदेल ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने पुलिस से साठगांठ करके उनके बेटे के खिलाफ जबरन वसूली का झूठा मामला दर्ज कराया। पक्षपात का आरोप: उन्होंने कहा, "मेरे बेटे पर जानलेवा हमला करने वालों को गिरफ्तार करने के बजाय, पुलिस ने मेरे बेटे पर ही मामला दर्ज कर दिया, जो अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा था"। पुलिस की सफाई: हालांकि, एसीपी रंजीत कुमार ने पहले जबरन वसूली का केस दर्ज होने की बात स्वीकार की, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हमले की सच्चाई सामने आने के बाद हत्या के प्रयास का नया मामला दर्ज किया गया। जांच की स्थिति गिरफ्तारियाँ: पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों, मेडिकल स्टोर के मालिक अमर सिंह चौहान, उसके भाई विजय सिंह और निखिल तिवारी को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपी: चौथा आरोपी प्रिंस श्रीवास्तव अभी भी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

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