रायबरेली (उत्तराखण्ड तहलका): सऊदी अरब में 3 साल की जेल और 18 लाख रुपए के जुर्माने से जूझ रहा रायबरेली का राजीव कुमार पासवान। वह दो साल पहले काम की तलाश में गया था, लेकिन उसे एजेंट ने धोखा दिया और अब वह एक कठिन कानूनी लड़ाई का सामना कर रहा है।
मामले का विवरण:
- गलत काम का झांसा: ऊंचाहार तहसील के सिकंदरपुर गांव का रहने वाला राजीव जुलाई 2023 में एक एजेंट के माध्यम से सऊदी अरब गया था। एजेंट ने उसे वाटर टैंकर ड्राइवर की नौकरी का वादा किया, लेकिन वहाँ पहुँचने पर उसे कचरा ट्रक चलाने का काम दिया गया।
- प्रताड़ना और भागने की कोशिश: राजीव के परिवार का दावा है कि उसे लगातार भूखा-प्यासा रखा गया और सही समय पर वेतन भी नहीं दिया गया। इस प्रताड़ना से परेशान होकर उसने काम छोड़ दिया और वापस भारत आने के लिए यमन की सीमा से भागने की कोशिश की।
- गिरफ्तारी और सजा: सीमा पर सुरक्षाकर्मियों ने राजीव को पकड़ लिया। सऊदी की एक अदालत ने उसे अवैध रूप से सीमा पार करने का दोषी ठहराया और 3 साल कैद तथा 73,120 रियाल (लगभग 18 लाख रुपए) का जुर्माना लगाया।
- परिवार की गुहार: राजीव के पिता, विंध्य, और मां, सूरज कली, बेटे की इस दुर्दशा से बेहाल हैं। उन्हें बेटे के जेल जाने की खबर 6 महीने बाद मिली। राजीव के परिवार ने भारतीय और उत्तर प्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
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वर्तमान स्थिति:
- राजीव को फिलहाल रियाद की जेल में बंद किया गया है।
- परिजन लगातार मदद की अपील कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा उठाया गया है।
- इस घटना ने विदेश में भारतीय कामगारों की सुरक्षा और एजेंटों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।