रामपुर, उत्तर प्रदेश: रामपुर स्थित सहकारी बैंक की एक शाखा में महिला कैशियर Bank Harassment मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। अश्लील ऑडियो भेजने के मामले में बैंक प्रशासन ने तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। 13 दिन तक चली विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद, शाखा प्रबंधक, एक अन्य कैशियर और चपरासी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बैंक प्रशासन के इस कदम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई Bank Harassment Rampur मामले में हुई है, जिसने स्थानीय स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
क्या है पूरा मामला?
Bank Harassment का यह गंभीर मामला अजीमनगर क्षेत्र की सहकारी बैंक की एक शाखा से जुड़ा है। यहां कार्यरत महिला कैशियर ने 19 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला कैशियर का आरोप था कि शाखा प्रबंधक और चपरासी ने मिलकर एक अश्लील ऑडियो रिकॉर्ड किया और उसे भेजा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, बैंक के मुख्य कार्य पालक अधिकारी श्री प्रकाश त्रिपाठी ने तुरंत एक विभागीय जांच समिति का गठन किया था। इस समिति में महिला सेल की अध्यक्ष, वरिष्ठ शाखा प्रबंधक और उप प्रबंधक मुख्यालय जैसे अधिकारियों को शामिल किया गया था ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
जांच में प्रबंधक समेत तीन दोषी पाए गए
शुरुआती जांच में यह सामने आया था कि ऑडियो भेजने में केवल प्रबंधक और चपरासी ही शामिल थे, लेकिन Bank Harassment मामले की विस्तृत विभागीय जांच में एक और कैशियर की संलिप्तता भी सामने आई।
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि शाखा प्रबंधक विनोद कुमार, कैशियर मान सिंह, और चपरासी राजेश सिंह Bank Harassment मामले में शामिल थे। इन तीनों ने मिलकर महिला सहकर्मी को परेशान करने की साजिश रची थी। जांच में दोषी पाए जाने के बाद शनिवार को इन तीनों पर कार्रवाई की गई।
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बड़ी कार्रवाई: तीनों अधिकारी निलंबित
मुख्य कार्य पालक अधिकारी श्री प्रकाश त्रिपाठी ने पुष्टि की कि Bank Harassment मामले में दोषी पाए जाने पर शाखा प्रबंधक, कैशियर और चपरासी को निलंबित (Suspended) कर दिया गया है। निलंबन के साथ ही तीनों को मुख्यालय से संबद्ध (Attached to Headquarters) कर दिया गया है।
निलंबन की कार्रवाई इस बात का संकेत है कि बैंक प्रशासन अपने कर्मचारियों, विशेष रूप से महिला सहकर्मियों, के प्रति अशोभनीय व्यवहार या किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को गंभीरता से लेता है। इस त्वरित कार्रवाई ने बैंक के कर्मचारियों के बीच भी यह संदेश पहुंचाया है कि कार्यस्थल पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस कार्रवाई और कार्यस्थल सुरक्षा
महिला कैशियर की शिकायत के आधार पर अजीमनगर थाने में पुलिस ने भी संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और मामले की कानूनी जांच जारी है।
यह घटना एक बार फिर कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और आंतरिक शिकायत समितियों (Internal Complaints Committees) की सक्रियता की आवश्यकता को उजागर करती है। Bank Harassment Rampur की इस घटना ने सरकारी और सहकारी संस्थानों में नैतिक आचरण (Ethical Conduct) के मानकों को बनाए रखने की चुनौती को सामने ला दिया है।
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