उत्तर प्रदेश के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए नए साल का आगाज किसी उत्सव से कम नहीं रहा। प्रदेश में पुलिस विभाग द्वारा निकाली गई 32,679 आरक्षी और समकक्ष पदों की भर्ती में आयु सीमा को लेकर जो अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे थे, उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक झटके में साफ कर दिया है। सरकार ने यह स्वीकार किया है कि प्रदेश के युवाओं का हित ही उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक आयु सीमा बढ़ाने की मांग गूंज रही थी। अभ्यर्थियों का तर्क था कि बीते वर्षों में समय पर भर्ती न आने और कोरोना काल के झटकों के कारण उनकी उम्र सीमा निकल गई है। शासन ने युवाओं के इस दर्द को समझा और नियमावली-1992 के विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए सभी वर्गों के लिए तीन साल की छूट का ऐलान कर दिया।

सत्ता और विपक्ष के दबाव के बीच निकला समाधान का रास्ता

यह फैसला केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में युवाओं की ताकत का अहसास भी है। जैसे ही भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ, वैसे ही विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ता पक्ष के भीतर से भी आयु सीमा बढ़ाने के सुर तेज होने लगे थे। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने जहां इसे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताया, वहीं भाजपा के अपने विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर युवाओं की भावनाओं से अवगत कराया था। चारों तरफ से उठ रही मांगों और युवाओं के परिश्रम का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर खुद इस निर्णय की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह निर्णय उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं की आकांक्षाओं और उनके कठिन परिश्रम के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है। सरकार का यह कदम उन परिश्रमी युवाओं के लिए न्याय की तरह है जो दिन-रात वर्दी का सपना संजोए मैदानों में पसीना बहा रहे हैं।

कानूनी प्रावधानों के तहत मिली संजीवनी और भविष्य की राह

तकनीकी रूप से देखें तो यह ऐतिहासिक छूट उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के तहत दी गई है। 31 दिसंबर 2025 को जारी हुई मूल विज्ञप्ति के क्रम में 5 जनवरी 2026 को जारी इस नए शासनादेश ने भर्ती की पूरी तस्वीर बदल दी है। अब उन अभ्यर्थियों की फाइलें फिर से खुल गई हैं जो कल तक खुद को रेस से बाहर मान चुके थे। इस फैसले के बाद अब आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है, जिससे मुकाबला और भी कड़ा और रोचक हो जाएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड अब संशोधित नियमों के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। योगी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वह अपने युवाओं के सपनों के साथ पूरी प्रतिबद्धता और विश्वास के साथ खड़ी है, और भर्ती प्रक्रिया में किसी भी योग्य उम्मीदवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।


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