उत्तर प्रदेश के कासगंज से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जिसने समाज और रिश्तों की गरिमा को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। एक माँ, जिसे बच्चे की सुरक्षा का सबसे बड़ा ढाल माना जाता है, वही अपनी जवान बेटी की काल बन गई। अपनी कोख से जन्मी औलाद का खून बहाते हुए उस महिला के हाथ एक बार भी नहीं कांपे। इस खौफनाक हत्याकांड की वजह कोई पुरानी रंजिश या संपत्ति का विवाद नहीं, बल्कि एक माँ के वे अवैध संबंध थे जिन्हें वह समाज की नज़रों से छिपाए रखना चाहती थी। वासना और लोक-लाज के डर ने एक महिला को अपराधी बना दिया और उसने अपने ही घर के चिराग को हमेशा के लिए बुझा दिया।

विरोध बना मौत का कारण

​इस काली कहानी की शुरुआत तब हुई जब मृतका को अपनी माँ और अपनी ही बहन के ससुर यानी अपने समधी के बीच चल रहे अनैतिक प्रेम प्रसंग की भनक लग गई। लोक-मर्यादा के खिलाफ चल रहे इस रिश्ते को लेकर बेटी लगातार अपनी माँ का विरोध कर रही थी। उसने अपनी माँ को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि वह इस शर्मनाक हकीकत का खुलासा अपने पिता के सामने कर देगी। बदनामी के डर और अपने प्रेमी समधी से दूर होने के भय ने माँ के भीतर की ममता को मार दिया। उसने अपनी बेटी को रास्ते से हटाने के लिए अपने उसी समधी के साथ मिलकर एक ऐसी साजिश रची जिसे सुनकर पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ गए।

नशीली चाउमीन और साजिश का अंत

​साजिश को अंजाम देने के लिए माँ और उसके समधी ने बेटी को बहला-फुसलाकर बाइक पर बिठाया। रास्ते में बड़ी ही चतुराई से उसे चाउमीन खिलाई गई, जिसमें पहले से ही भारी मात्रा में भांग मिला दी गई थी। नशे की हालत में जैसे ही बेटी बेसुध हुई, उन दोनों ने मिलकर बेरहमी से उसका गला दबा दिया। मौत की पुष्टि होने के बाद आरोपियों ने शव को सुन्नगढ़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक सुनसान नहर के किनारे फेंक दिया। शातिर माँ ने पहचान छिपाने और मामले को दूसरा मोड़ देने के लिए बेटी के शरीर से सारे गहने भी उतार लिए ताकि पुलिस इसे लूटपाट या दहेज हत्या का मामला समझकर गुमराह हो जाए।

गुनाह का पर्दाफाश और गिरफ्तारी

​हत्या के बाद आरोपी महिला ने खुद ही अपने दामाद और उसके परिवार के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। उसे यकीन था कि पुलिस उसके बुने हुए जाल में फंस जाएगी और बेकसूर ससुराल वाले जेल चले जाएंगे। लेकिन कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। जांच के दौरान जब पुलिस ने माँ के बयानों में विरोधाभास देखा, तो शक की सुई उसकी ओर घूम गई। कड़ाई से हुई पूछताछ में महिला टूट गई और उसने अपने समधी के साथ मिलकर किए गए इस जघन्य अपराध को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने दस दिनों के भीतर इस सनसनीखेज गुत्थी को सुलझाते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है, जिससे इलाके में लोग दंग हैं।


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