रामपुर, उत्तर प्रदेश: ​जनपद में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के दौरान एक गंभीर अनियमितता सामने आई है, जिसके बाद एक महिला और उनके दो बेटों पर धोखाधड़ी और चुनावी दस्तावेजों में गलत जानकारी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।

यह मामला रामपुर मतदाता सूची फर्जीवाड़ा के तहत दर्ज हुआ है, और अधिकारियों के मुताबिक यह SIR फॉर्म में फर्जी जानकारी देने का राज्य का पहला मुकदमा बताया जा रहा है।

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​जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर यह सख्त कार्रवाई की गई है। आरोपी महिला नूरजहां ने पुनरीक्षण के लिए भरे गए SIR फॉर्म में अपने बेटों, आमिर खान और दानिश खान, को रामपुर का निवासी बताया था।


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हालांकि, जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि दोनों बेटे पिछले कई वर्षों से विदेश में रह रहे हैं। आमिर दुबई में और दानिश कुवैत में निवासरत हैं।

​आरोप है कि मां नूरजहां ने बेटों के विदेश में रहने की बात छिपाते हुए, न सिर्फ गणना प्रपत्र भरे, बल्कि उनके नाम पर फर्जी हस्ताक्षर भी किए। यह फर्जीवाड़ा उस समय पकड़ा गया जब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा फॉर्मों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा था।

इसे निर्वाचन कानूनों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की शिकायत पर सिविल लाइंस कोतवाली में मां नूरजहां और उनके बेटों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह धारा चुनावी दस्तावेजों में झूठा बयान देने को दंडनीय अपराध मानती है।

​जिलाधिकारी द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन व्यवस्था की पारदर्शिता और पवित्रता बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है, और मतदाताओं से अपील की है कि वे हमेशा सही एवं अद्यतन जानकारी ही उपलब्ध कराएं, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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