उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से देर रात तबादला सूची जारी की है। इस प्रशासनिक फेरबदल में मुरादाबाद मंडल की कमान अब वरिष्ठ अधिकारी संगीता सिंह के हाथों में सौंप दी गई है। इससे पहले वे अलीगढ़ मंडल की मंडलायुक्त के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। वहीं, मुरादाबाद में लंबे समय तक मंडलायुक्त के पद पर तैनात रहे 2005 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें मूल कैडर में वापस भेजने का निर्णय लिया गया है।

आन्जनेय सिंह का साढ़े पांच साल का कार्यकाल समाप्त

​आईएएस अधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह 6 मार्च 2021 से 14 अगस्त 2026 तक लगभग 5 साल और 5 महीने मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर पद पर तैनात रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुरोध पर पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान अखिलेश यादव उन्हें उत्तर प्रदेश लाए थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें 7 बार सेवा विस्तार दिया गया। रामपुर का जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने सपा नेता आजम खान के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की थी, जिसके बाद आजम खान को अपनी विधायकी तक गंवानी पड़ी थी। 14 अगस्त को सेवा विस्तार की अवधि समाप्त होने के बाद वे दो माह की छुट्टी पर चले गए थे, जिसके बाद अब उन्हें राज्य सरकार द्वारा औपचारिक रूप से रिलीव कर दिया गया है। आन्जनेय सिंह अब नई दिल्ली में सिक्किम के स्थानिक आयुक्त के पद पर तैनाती पाने का प्रयास कर रहे हैं।

कौन हैं आईएएस संगीता सिंह?


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​संगीता सिंह उत्तर प्रदेश कैडर की एक बेहद अनुभवी और कड़क छवि वाली प्रशासनिक अधिकारी मानी जाती हैं। आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, वह वर्ष 2015 में आईएएस कैडर में पदोन्नत हुई थीं। अपने लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने शासन और जिला स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह सुल्तानपुर जिले की जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं और उत्तर प्रदेश शासन में विशेष सचिव के पद पर भी कार्यरत रही हैं।

स्वास्थ्य और ऊर्जा विभागों में उत्कृष्ट कार्य

​संगीता सिंह का प्रशासनिक अनुभव केवल जिला प्रशासन तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि उन्होंने राज्य के प्रमुख विभागों में भी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम (साचिस) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में कार्य करते हुए स्वास्थ्य योजनाओं को गति दी। इसके अतिरिक्त, वह उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन में भी प्रमुख पद पर तैनात रहीं। ऊर्जा क्षेत्र में उन्होंने लखनऊ में गैर-पारंपरिक ऊर्जा विकास एजेंसी (नेडा) से जुड़े दायित्वों को निभाया है। साथ ही, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में भी उनके पास कार्य करने का व्यापक अनुभव है।

मुरादाबाद मंडल में नई जिम्मेदारियां

​अलीगढ़ में मंडलायुक्त के पद पर सफलतापूर्वक कार्य करने के बाद संगीता सिंह के सामने अब मुरादाबाद मंडल की प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने की चुनौती होगी। मुरादाबाद मंडल में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करना, कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखना और जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। आन्जनेय सिंह के कार्यकाल के बाद अब मंडल के प्रशासनिक तंत्र का नेतृत्व संगीता सिंह के पास रहेगा।

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