उत्तर प्रदेश की बिलासपुर तहसील क्षेत्र के गांव नवाबगंज में 27 और 28 सितंबर को दो दिवसीय किसान मेले का आयोजन होने जा रहा है। मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए नवाबगंज गुरुद्वारा साहिब के लंगर हॉल में यूपी और उत्तराखंड से आए तमाम किसानों की एक अहम बैठक हुई। बैठक की अगुवाई नवाबगंज गुरुद्वारा के मुखी बाबा अनूप सिंह ने की। इस दौरान मेले के मुख्य मकसदों पर खुलकर बात हुई। वक्ताओं ने पंजाब का उदाहरण देते हुए चिंता जताई कि वहां फसलों में जरूरत से ज्यादा कीटनाशकों के छिड़काव से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां घर-घर फैल चुकी हैं। अगर यहां के किसानों ने समय रहते अपनी आदतें नहीं बदलीं, तो आने वाले दिनों में हमारे इलाके के हालात भी बेहद खराब हो सकते हैं। ज्यादा पैदावार के लालच में जमीन में अंधाधुंध जहर घोला जा रहा है, जिससे आम लोगों की सेहत सीधे तौर पर खतरे में पड़ रही है।
कीटनाशकों से बचाव पर मंथन
बैठक में मौजूद किसान नेताओं और जानकारों का कहना था कि आज का किसान अपनी पारंपरिक और सुरक्षित खेती से पूरी तरह दूर होता जा रहा है। बाजार की होड़ में फसलों पर धड़ल्ले से केमिकल डाले जा रहे हैं। ऐसे दौर में इस पूरे तराई क्षेत्र के किसानों को जैविक खेती की तरफ मोड़ना बेहद जरूरी हो गया है। जब तक किसान दोबारा प्राकृतिक खाद और देशी तौर-तरीकों को नहीं अपनाएंगे, तब तक बीमारियों से मुक्ति पाना नामुमकिन है। इसी बात को ध्यान में रखकर इस मेले की रूपरेखा तैयार की गई है, ताकि किसानों को नई तकनीक और बिना केमिकल वाली खेती की पूरी जानकारी एक ही जगह मिल सके। बैठक में व्यवस्थाएं संभालने के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। मंच का संचालन मास्टर मलकीत सिंह ने किया।
सभी के लिए खुले हैं दरवाजे
बाबा अनूप सिंह ने साफ किया कि यह मेला किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि सभी धर्मों और बिरादरियों का साझा मंच है। इसका सबसे बड़ा मकसद इलाके में आपसी भाईचारे को मजबूत करना और किसानों को नई राह दिखाना है। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले किसानों के लिए लंगर और रात में ठहरने के पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। अगर किसी को मेले तक पहुंचने में कोई परेशानी आती है, तो उनके लिए गाड़ियों का भी बंदोबस्त रहेगा। बाबा अनूप सिंह ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के लिए किसी भी राजनीतिक दल के नेता को खास बुलावा नहीं भेजा गया है, लेकिन जो भी भाईचारे और किसानी के नाते आना चाहता है, उसका खुले दिल से स्वागत है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वह अधिक से अधिक लोगों तक इस किसान मेले की जानकारी पहुंचाएं ताकि कर ज्यादा से ज्यादा लोग इस किस में लेकर लाभ उठा सके।
तैयारी बैठक में जुटे दिग्गज
इस मौके पर बिलासपुर नगर पालिका चेयरमैन चित्रक मित्तल, अमरीश पटेल, देवकरण गंगवार उर्फ फौजी भईया, एडवोकेट सतनाम सिंह मट्टू, अशोक कुमार, ग्राम प्रधान हरजीत सिंह, सुखदेव सिंह नामधारी, गुरदेव सिंह नामधारी, हरेंद्र सिंह लाडी, गदरपुर के पूर्व चेयरमैन सुरेश कंबोज, रालोद किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलजीत सिंह बिट्टू, सुल्तान सिंह वड़ैच, तजिंदर सिंह विर्क, अमरजीत सिंह, आरिफ अरोमा, दलजीत सिंह गौराया और परमजीत सिंह भिंडर समेत बड़ी संख्या में सभी समुदाय के लोग मौजूद रहे।
- मुख्य आकर्षण: किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और उन्नत कृषि उपकरणों की जानकारी दी जाएगी।
- विशेष कार्यक्रम: मेले के दौरान विशेषज्ञ किसानों द्वारा मार्गदर्शन और एक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा।