नई दिल्ली (उत्तराखण्ड तहलका): देश में पहचान के सबसे प्रमुख दस्तावेज़ Aadhar कार्ड के बढ़ते इस्तेमाल और उसके साथ जुड़ी संवेदनशील निजी जानकारियों के संभावित दुरुपयोग पर अब लगाम लगने वाली है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) एक क्रांतिकारी बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जिसके तहत अगले कुछ महीनों में Aadhar कार्ड का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा।
डेटा सुरक्षा पर UIDAI का फोकस
हाल के वर्षों में, Aadhar पैन कार्ड, पासपोर्ट और लोन आवेदनों से लेकर स्कूल में प्रवेश तक हर जगह अनिवार्य हो चुका है। चूंकि इसमें व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि, और पूरा पता जैसी महत्त्वपूर्ण जानकारी छपी होती है, इसलिए इसकी फोटोकॉपी का गलत इस्तेमाल होने का खतरा लगातार बढ़ रहा था।

इस व्यापक उपयोग को देखते हुए, UIDAI ने अब डेटा गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि वे जल्द ही एक नए पहचान पत्र (Next-Gen Aadhar Card) की शुरुआत करने वाले हैं।
नया आधार कार्ड: सिर्फ फोटो और QR कोड
नए Aadhar के डिज़ाइन में सबसे बड़ा परिवर्तन यह होगा कि इसमें कार्डधारक का स्थायी पता, जन्मतिथि या यहाँ तक कि 12 अंकों का आधार नंबर भी प्रिंट नहीं किया जाएगा।
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इसके बजाय, कार्ड पर केवल कार्डधारक की फोटो और एक उच्च-सुरक्षा वाला QR कोड मौजूद होगा। व्यक्ति की सारी निजी और सत्यापन योग्य जानकारी इस QR कोड के भीतर एन्क्रिप्टेड (encrypted) रूप से सुरक्षित रखी जाएगी।
UIDAI का कहना है कि अब सत्यापन (verification) केवल इस QR कोड को स्कैन करके या डिजिटल माध्यम से ही किया जाएगा, जिससे भौतिक कार्ड की कॉपी या छपी हुई जानकारी के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा।
दिसंबर 2025 से लागू होने की उम्मीद
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार के अनुसार, इन नए सुरक्षा नियमों को दिसंबर 2025 से लागू करने की योजना पर काम चल रहा है। यह पहल डिजिटल पहचान को और भी सुरक्षित और निजी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो लाखों Aadhar कार्ड धारकों को फ्रॉड से बचाएगी।
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