हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित होने वाले सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में शनिवार की शाम एक दर्दनाक हादसे में तब्दील हो गई। मेले के आनंद और उल्लास के बीच उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब वहां लगा एक विशाल सुनामी झूला अचानक तकनीकी खराबी या अत्यधिक दबाव के कारण टूटकर नीचे गिर गया। यह हादसा इतना भीषण था कि झूले पर सवार कई लोग ऊंचाई से नीचे आ गिरे, जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा अचानक हुआ और लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

​बचाव कार्य के दौरान पुलिस अधिकारी ने गंवाई जान

​घटना की सूचना मिलते ही पास में तैनात पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को मलबे से निकालने का काम शुरू किया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पूरी तत्परता के साथ लोगों की जान बचाने में जुटे थे, लेकिन इसी दौरान वे खुद गंभीर रूप से चोटिल हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कर्तव्य की वेदी पर अपनी जान न्यौछावर करने वाले इस अधिकारी की मौत से पुलिस महकमे और मेले में आए लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।

​प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के आदेश


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​हादसे की जानकारी मिलते ही जिले के डिप्टी कमिश्नर, पर्यटन विभाग के मैनेजिंग डायरेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि हादसे से कुछ समय पहले तेज हवाओं के कारण फूड कोर्ट का एक गेट भी गिर गया था, जो मौसम की खराब स्थिति की ओर इशारा कर रहा है। फिलहाल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और बैरिकेड्स लगाकर आम जनता की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

​घायलों की स्थिति और सुरक्षा पर सवाल

​इस दर्दनाक हादसे में कुल तेरह लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें शहर के विभिन्न अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। जिला अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। इस घटना ने मेलों में लगने वाले झूलों की सुरक्षा जांच और उनके फिटनेस प्रमाणपत्रों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या झूले के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी या यह एक प्राकृतिक दुर्घटना थी।87

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