महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला हुआ। सुखबीर बादल अपने परिवार और करीबी सहयोगियों के साथ तीन दिवसीय दौरे पर नांदेड़ पहुंचे थे। वह अपनी पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर बादल के साथ गुरुद्वारे में दर्शन कर रहे थे, तभी एक निहंग ने कथित तौर पर उन पर कृपाण से हमला कर दिया।

​सुरक्षाकर्मियों और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की वजह से हमलावर को तुरंत काबू में कर लिया गया, हालांकि इस दौरान सुखबीर बादल के हाथ में चोट लग गई और एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। घटना के तुरंत बाद गुरुद्वारा परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल सुखबीर बादल को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई है। पुलिस ने आरोपी निहंग को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

​पीएम मोदी और सीएम फडणवीस ने जाना हालचाल

​घटना की जानकारी मिलते ही देश के राजनीतिक गलियारों में चिंता की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुखबीर सिंह बादल की पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बात की और सुखबीर बादल के स्वास्थ्य का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी फोन के माध्यम से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

​अमृतसर घटना का जिक्र और सियासी आरोप-प्रत्यारोप

​हमले के बाद पंजाब से लेकर महाराष्ट्र तक राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने इसे एक बेहद गंभीर साजिश करार देते हुए पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए।


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​चीमा ने दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाहर सुखबीर बादल पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी एक हमलावर ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने नाकाम कर दिया था। चीमा का आरोप है कि यदि अमृतसर हमले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की गई होती और पंजाब सरकार ने उस संवेदनशील मामले पर राजनीति न की होती, तो नांदेड़ में आज हुआ यह हमला शायद रोका जा सकता था। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

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