शिमला के एक बड़े घर में हुई एक करोड़ की चोरी की गुत्थी अब पूरी तरह सुलझने लगी है। जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात को घर पर काम करने वाली नौकरानी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। घर के चप्पे-चप्पे से वाकिफ नौकरानी ने मौका ताड़कर ताले तोड़े और सारा कैश व जेवरात समेटकर अपने साथियों के हवाले कर दिया। इसके बाद गिरोह का प्लान सीधे नेपाल भागने का था। लेकिन उत्तराखंड के रुद्रपुर से गुजरते वक्त आबकारी विभाग की एक टीम ने चेकिंग के बहाने इन्हें रोक लिया। बैग में भरा खजाना देखते ही आबकारी कर्मियों का ईमान डोल गया। उन्होंने पुलिस को बुलाने के बजाय सारा सामान अपने कब्जे में ले लिया और आरोपियों को मौके से भगा दिया।
नेपाल पहुंचकर खुली पोल
असली आरोपी सीमा पार कर जैसे ही नेपाल पहुंचे, उन्हें लगा कि आबकारी वालों ने उनके साथ बड़ा खेल कर दिया है। हाथ खाली होने के गुस्से में उन्होंने शिमला के उसी मकान मालिक को फोन मिला दिया, जिसके घर में नौकरानी ने हाथ साफ किया था। फोन पर उन्होंने साफ कहा कि तुम्हारा सामान हमारे पास नहीं, बल्कि रुद्रपुर में आबकारी विभाग वालों के पास पड़ा है। पीड़ित मकान मालिक ने फौरन इस बातचीत की जानकारी हिमाचल पुलिस को दी।
चार आबकारी मुलाजिम गिरफ्तार
सूचना की पुष्टि होते ही हिमाचल पुलिस की टीम रुद्रपुर पहुंची और गोपनीय तरीके से जांच शुरू की। फोन पर मिली बात पूरी तरह सच निकली। इसके बाद शिमला पुलिस ने दबिश देकर उत्तराखंड आबकारी विभाग के दरोगा देवेंद्र कुमार, सिपाही बलजीत सिंह, पीआरडी जवान नईम और कर्मचारी पप्पू लाल को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ में चारों टूट गए और पुलिस ने चोरी का लगभग अस्सी फीसदी माल बरामद कर लिया। अब पुलिस इन चारों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, साथ ही वारदात को अंजाम देने वाली नौकरानी और उसके फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए नेपाल सीमा पर दबिश दी जा रही है।
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