उत्तराखंड के रुद्रपुर में काशीपुर रोड फ्लाईओवर के पास शुक्रवार रात कार और स्कूटी की जोरदार भिड़ंत में नगर निगम की महिला सफाई कर्मचारी का पुत्र अभिषेक और उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। अभिषेक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बरेली के राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है। परिजनों और वाल्मीकि समाज का आरोप है कि हादसे के बाद कुछ लोगों ने युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट भी की थी। इस घटना के विरोध में नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर नगर निगम परिसर में वाल्मीकि समाज, पर्यावरण मित्रों और समर्थकों का आक्रोश फूट पड़ा और सभी धरने पर बैठ गए।

​धरने के दौरान नगर निगम परिसर में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। वाल्मीकि समाज के इस आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे महापौर विकास शर्मा भी कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वह कर्मचारियों के साथ खड़े रहेंगे। प्रदर्शन के दौरान काफी गहमागहमी देखने को मिली, जहां पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा और पार्षद प्रवेश कुरैशी को हिरासत में लेकर मौके से हटाया। वहीं, मीडिया के सामने बात रख रहे भाजपा कार्यकर्ता गोविंद शर्मा के साथ भी कुछ लोगों ने धक्का-मुक्की करने का प्रयास किया, जिससे माहौल और गरमा गया।

​बढ़ते जनाक्रोश और पुलिस द्वारा दिए गए आश्वासन के बीच मामले में बड़ा मोड़ आया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के मुख्य आरोपी वाहन चालक सनी चुघ को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। बाजपुर सीओ अविनाश शर्मा ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और प्रारंभिक जांच के तथ्यों से अवगत कराया। सीओ ने बताया कि अब तक के साक्ष्यों के अनुसार मामला मुख्य रूप से सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है और मारपीट के ठोस प्रमाण फिलहाल सामने नहीं आए हैं।

​आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद वाल्मीकि समाज का निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर धरना जारी रहा। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के की जा रही है। यदि सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की जांच में मारपीट या एससी/एसटी एक्ट से जुड़े अन्य अपराध सिद्ध होते हैं, तो उसके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस-प्रशासन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।


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