कांग्रेस ने उत्तराखंड में महिलाओं पर जुल्म का आरोप लगाते हुए चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में इंसाफ की मांग की है। इन्हीं आरोपों को लेकर रुद्रपुर में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के मुख्य बाजार स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास एकत्र होकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में बहन-बेटियों की सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी किसी मामले में सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों का नाम आता है, तो जांच की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। सरकार दोषियों को बचाने की जगह पीड़ितों को न्याय दिलाने पर ध्यान दे।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या को चार साल बीत चुके हैं, लेकिन उसका परिवार आज भी पूर्ण न्याय का इंतजार कर रहा है। मामले में निष्पक्ष जांच और वीआईपी एंगल से जुड़ी कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। नेताओं ने साफ किया कि जब तक हर पीड़ित बेटी को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस का यह आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ मौजूद रही। इसमें पार्षद बाबू साहब, जकी रजा, अलका पाल, दिनेश पंत, सुनील चुघ, पवन बिष्ट, राजवीर सिंह, ममता हाल्दार, गोपाल भसीन, सरोज शर्मा समेत दर्जनों लोग शामिल हुए। सभी ने एक सुर में चेतावनी दी कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर पार्टी सड़कों से लेकर विधानसभा तक लड़ाई जारी रखेगी।
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