शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रविवार को उस समय भारी तनाव की स्थिति बन गई, जब घर में घुसकर नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में पैरवी कर रहे पीड़ित पिता का खून से लथपथ शव खेत में मिला। मृतक के सीने में गोली लगी हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अनिल सिसोदिया, अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह और सीओ शाहबाद देवकी नंदन ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया तथा फॉरेंसिक टीम से साक्ष्य एकत्र करवाए।
मृतक के बेटे रोहित के अनुसार, उसकी बहन के साथ 22 मई को गांव के ही एक युवक ने घर में घुसकर दुष्कर्म का प्रयास किया था और विरोध करने पर डंडे से पीटा था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। आरोप है कि तभी से जेल गए युवक के परिजन, गांव के प्रधान संजीव और मृतक के अपने बड़े भाई (ताऊ) मुकदमे में समझौते का लगातार दबाव बना रहे थे। रविवार सुबह पीड़ित के पिता रसूलपुर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन उन्हें खेत पर बुलाकर फैसले का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई।
दूसरी ओर, घटना को लेकर गांव में यह चर्चा भी जोरों पर है कि मुकदमे में राजीनामे के लगातार पड़ रहे दबाव और धमकियों से तंग आकर पीड़ित पिता ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें भाई और प्रधान समेत अन्य लोगों के नामों का उल्लेख है। सुसाइड नोट में दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और जांच क्राइम ब्रांच से कराने की मांग की गई है।
अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज किया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से तमाम सबूत जुटाए हैं। पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों ही एंगलों पर गहराई से छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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