उत्तराखंड बार्डर स्थित जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार भानु प्रताप पब्लिक स्कूल के नाम एक ओर उपलब्धि जुड़ गई है। विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा वैष्णवी की मौलिक कविता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित 'अटल हिंदी कविता संग्रह 2025' में स्थान मिला है। यह उपलब्धि न केवल वैष्णवी के लिए बल्कि पूरे विद्यालय परिवार और क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है।

​हिंदी पखवाड़ा के अवसर पर भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा 'अटल बाल हिंदी कविता प्रतियोगिता 2025' का आयोजन किया गया था। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विद्यालयों से सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी साहित्यिक व रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। देशभर से प्राप्त तमाम उत्कृष्ट प्रविष्टियों में से चुनिंदा रचनाओं को आधिकारिक संग्रह में शामिल किया गया।

​इस कड़ी में भानु प्रताप पब्लिक स्कूल की छात्रा वैष्णवी की मौलिक कविता 'मेरे सपनों की मधुशाला' का चयन किया गया, जो संग्रह के पृष्ठ संख्या 90 पर कविता संख्या 75 के रूप में प्रकाशित हुई है। सीबीएसई से संबद्ध यह सीनियर सेकेंडरी विद्यालय विद्यार्थियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ साहित्यिक और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत रहता है। वैष्णवी की यह सफलता विद्यालय द्वारा दिए जाने वाले उचित मार्गदर्शन और मंच का उत्कृष्ट परिणाम है।

​वैष्णवी की इस विशेष उपलब्धि में उनकी मार्गदर्शक शिक्षिका मिस आरती वाधवा का सराहनीय योगदान रहा। उन्होंने छात्रा की लेखन क्षमता को पहचानकर उसे सही दिशा दी और राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया। इस उपलब्धि के अवसर पर वैष्णवी को 'सर्टिफिकेट ऑफ पार्टिसिपेशन' से सम्मानित किया गया, वहीं शिक्षिका आरती वाधवा को भी उनके उत्कृष्ट मार्गदर्शन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।


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​विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश चंद्रा ने छात्रा की इस स्वर्णिम सफलता पर गहरा आनंद व्यक्त किया। उन्होंने वैष्णवी को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां न केवल विद्यालय का मान बढ़ाती हैं, बल्कि अन्य छात्रों को भी अपनी छिपी प्रतिभा को पहचानकर राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचने की प्रेरणा देती हैं। विद्यालय प्रबंधतंत्र और समस्त शिक्षक वर्ग ने वैष्णवी के उज्ज्वल और रचनात्मक भविष्य की कामना की है।

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