उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए बेखौफ बदमाशों ने 48 घंटे के भीतर दिनदहाड़े कत्ल की दूसरी बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला। अभी बिलासपुर इलाके में हुई सनसनीखेज हत्या की गूंज शांत भी नहीं हुई थी कि शनिवार शाम मिलकखानम थाना क्षेत्र के कुम्हरिया कलां गांव के बस अड्डे पर अपराधियों ने दिनदहाड़े खूनी खेल खेल दिया। यहां कार वॉशिंग सेंटर चलाने वाले 25 वर्षीय नवजोत सिंह को कार सवार हमलावरों ने सरेआम गोलियों से भून दिया। नवजोत शाम करीब साढ़े चार बजे अपने सेंटर पर बैठा हुआ था, तभी एक कार से पहुंचे बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ चार राउंड गोलियां दाग दीं। गोलियां सीधे सीने में लगने से लहूलुहान नवजोत ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि हत्यारे वारदात को अंजाम देकर बिलासपुर की तरफ भाग निकले। लगातार दूसरे हत्याकांड से जिले भर में सनसनी और भारी दहशत फैल गई है।
घटना का वायरल सीसीटीवी फुटेज
दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग
टाहकलां गांव का रहने वाला नवजोत अपने परिवार का इकलौता सहारा था। पिता निशान सिंह और मां जगदीश कौर के साथ रहकर वह वॉशिंग सेंटर के जरिए पूरे घर की गुजर-बसर संभाल रहा था, जबकि उसकी बहन विदेश में है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। सेंटर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में वारदात का खौफनाक मंजर देखकर मां बेसुध होकर गिर पड़ीं। कलेजे के टुकड़े को गोलियों का शिकार होते देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के एक सीधे-सादे और कामकाजी नौजवान की इस तरह बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद से पूरे इलाके के लोग स्तब्ध हैं और ग्रामीणों में पुलिसिया गश्त को लेकर गहरा रोष देखा जा रहा है।
घटना से सम्बंधित अपर पुलिस अधीक्षक की बाइट
जांच में जुटी टीमें
दो दिन में दो ताबड़तोड़ हत्याओं के बाद पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ सीओ हर्षिता सिंह और देर शाम अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके पर फॉरेंसिक यूनिट और डॉग स्क्वायड की टीम ने भी पहुंचकर अहम साक्ष्य जुटाए हैं। सीओ हर्षिता सिंह का कहना है कि-
---समाप्त---"मुख्य रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हत्यारों की गाड़ी और उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सके। पुलिस टीमें सीसीटीवी और मौके से मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं, जबकि परिजनों की तहरीर मिलते ही मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।"