उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद अंतर्गत सैफनी थाना पुलिस ने जनसेवा की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम ने उन नागरिकों की उम्मीदों को फिर से जीवित कर दिया है जिन्होंने अपने महंगे मोबाइल फोन खो दिए थे। शनिवार का दिन उन ग्यारह लोगों के लिए बेहद खास रहा जिनके हाथ में उनके खोए हुए स्मार्टफोन दोबारा वापस आए। पुलिस की इस सफलता के पीछे केवल पारंपरिक जांच नहीं बल्कि आधुनिक तकनीकी संसाधनों का सही समन्वय रहा है। सैफनी पुलिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि तकनीक का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता को भी बड़ी राहत पहुंचाई जा सकती है।
सीईआईआर पोर्टल से मिली पुलिस को सफलता
इस पूरी रिकवरी प्रक्रिया में केंद्र सरकार के सीईआईआर पोर्टल का विशेष योगदान रहा है। प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने गुमशुदा मोबाइलों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सर्विलांस पर लगाया। उपनिरीक्षक सर्वेन्द्र सिंह और उनकी तकनीकी टीम ने लगातार फोन की लोकेशन को ट्रैक किया और विभिन्न स्थानों से इन मोबाइल फोन को बरामद करने में सफलता प्राप्त की। बरामद किए गए 11 मोबाइल फोन की कुल कीमत बाजार में लगभग साढ़े चार लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस त्वरित कार्यप्रणाली ने यह संदेश दिया है कि गुमशुदा संपत्तियों की बरामदगी को लेकर विभाग पूरी तरह मुस्तैद है।
थाना परिसर में खुशी का माहौल
जब बरामद किए गए फोन उनके असली स्वामियों को लौटाने के लिए सैफनी थाना परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया तो वहां का नजारा देखते ही बनता था। मोबाइल स्वामियों ने भावुक होते हुए बताया कि उन्हें अब फोन वापस मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी। अपनी गाढ़ी कमाई से खरीदे गए फोन को वापस पाकर लोगों ने रामपुर पुलिस की ईमानदारी और कार्यक्षमता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने लोगों को जागरूक करते हुए यह भी बताया कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल पोर्टल पर सूचना देना क्यों जरूरी है। पुलिस ने लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत रहने की सलाह दी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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