उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद से एक ऐसी घटना प्रकाश में आई है जिसने मानवता और पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। जनपद के थाना पटवाई अंतर्गत ग्राम पोपपुर में एक पिता पर अपनी ही नाबालिग बेटी की अस्मत लूटने का संगीन आरोप लगा है। इस जघन्य कृत्य की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और लोग इस कलयुगी पिता की करतूत की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं। घटना की जानकारी तब सार्वजनिक हुई जब पीड़िता की बड़ी बहन ने साहस दिखाते हुए कानून का दरवाजा खटखटाया और अपने ही पिता के विरुद्ध मोर्चा खोला।
कानूनी कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी का घटनाक्रम
इस मामले में पीड़िता की बहन ने 28 जनवरी 2026 को स्थानीय पुलिस को लिखित तहरीर सौंपी थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी पिता ओमप्रकाश ने घर के भीतर ही अपनी छोटी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इसे प्राथमिकता पर लिया और तत्काल पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था, लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण उसकी फरारी अधिक समय तक नहीं चल सकी। सटीक मुखबिरी के आधार पर 30 जनवरी को कोसी पुल के पास से आरोपी को दबोच लिया गया।
पुलिस प्रशासन का सख्त रुख और सामाजिक संदेश
गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक सरोज यादव और हरिपाल सिंह समेत पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि घरेलू हिंसा और यौन शोषण जैसे मामलों में चुप्पी तोड़ना अनिवार्य है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे अपराधियों की सूचना निडर होकर दें ताकि न्याय प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाया जा सके।
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