बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा और हाल ही में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं ने भारत में भी आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद अंतर्गत बिलासपुर क्षेत्र में विभिन्न हिंदू संगठनों ने एक विशाल विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। बजरंग दल सहित कई संगठनों के कार्यकर्ता बिलासपुर के मुख्य चौराहे पर एकत्रित हुए और बांग्लादेश में हिंदू नागरिकों की लक्षित हत्याओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मानवता को शर्मसार करने वाले इन कृत्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संज्ञान में लिया जाना चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पुतला दहन कर जताया विरोध
विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गया जब कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेशी कट्टरपंथियों का पुतला आग के हवाले कर दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में नंगी तलवारें और अन्य धारदार हथियार लेकर अपने गुस्से का इजहार किया। कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर बुलंद आवाज में नारेबाजी भी करते रहे। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट संदेश था कि वे अपने भाइयों पर हो रहे अत्याचारों को चुपचाप नहीं देखेंगे। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल युवाओं का आक्रोश चरम पर था और उन्होंने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
अमृत मंडल और दीपू चंद दास की हत्या पर आक्रोश
प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से बांग्लादेश में हुई अमृत मंडल और दीपू चंद दास की निर्मम हत्याओं का जिक्र किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वहां हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। हिंदू संगठनों ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाने की अपील की है। बिलासपुर में हुआ यह प्रदर्शन न केवल बांग्लादेश के प्रति गुस्से को दर्शाता है, बल्कि यह देश के भीतर भी हिंदू हितों की रक्षा के लिए एक सामूहिक एकजुटता का संदेश देने का प्रयास माना जा रहा है।
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