जनसेवा की भावना यदि प्रशासनिक कुशलता के साथ मिल जाए, तो वह समाज में बड़े बदलाव लाती है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में इन दिनों कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। यहाँ के जिलाधिकारी (डीएम) अजय कुमार द्विवेदी अपनी अनूठी कार्यशैली और संवेदनशीलता के कारण आमजन के लिए किसी 'मसीहा' से कम साबित नहीं हो रहे हैं।
संकल्प: "हर दिन एक अच्छा काम"
सरकारी योजनाएं कागजों पर तो बहुत होती हैं, लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने के लिए जिस इच्छाशक्ति की जरूरत होती है, वह डीएम अजय कुमार द्विवेदी में स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने "हर दिन एक अच्छा काम" करने का बीड़ा उठाया है। उनका यह प्रयास उन लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बना है, जो गरीबी और गंभीर बीमारियों के कारण अपनी हिम्मत खो चुके थे।
जनता दर्शन में तत्काल समाधान
जिलाधिकारी के कार्यालय में रोजाना 'जनता दर्शन' का आयोजन होता है, जहाँ बिना किसी रोक-टोक के समाज का अंतिम व्यक्ति भी अपनी अर्जी लेकर पहुँच सकता है। डीएम न केवल उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनते हैं, बल्कि उनका मौके पर ही निराकरण भी करते हैं। विशेष रूप से कैंसर और अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीजों के लिए उनका कार्यालय एक राहत केंद्र बन गया है।
मानवता की मिसाल: पीड़ित परिवारों को मिला साथ
हाल ही में एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया, जब किरण नाम की एक महिला अपने कैंसर पीड़ित पति अश्वनी के इलाज की गुहार लेकर पहुँची। आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार की स्थिति देख जिलाधिकारी ने तुरंत मानवता दिखाई। उन्होंने न केवल तत्काल आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए, बल्कि अन्य सरकारी मदों से हर संभव आर्थिक सहायता का भी भरोसा दिलाया।
अब तक दर्जनों बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को जिलाधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रुचि लेकर मदद पहुंचाई जा चुकी है।
सराहनीय प्रयास, उज्ज्वल छवि
रामपुर की जनता के बीच अजय कुमार द्विवेदी की छवि एक कर्मठ और दयालु अधिकारी के रूप में उभर रही है। यह कहना गलत नहीं होगा कि यदि हर जिले के अधिकारी इसी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, तो समाज के अभावग्रस्त लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा।
---समाप्त---