उत्तराखंड बॉर्डर स्थित ​भानु प्रताप पब्लिक स्कूल, डिबडिबा के लिए हाल ही में आयोजित रंगोत्सव राष्ट्रीय कला प्रतियोगिता एक ऐतिहासिक गौरव का क्षण साबित हुई है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में विद्यालय के नन्हें कलाकारों ने अपनी कल्पनाशीलता और रंगों के अद्भुत संयोजन से न केवल निर्णायकों का दिल जीता बल्कि अपनी रचनात्मकता का लोहा भी मनवाया। विद्यार्थियों की इस कलात्मक अभिव्यक्ति ने विद्यालय के नाम को राष्ट्रीय पटल पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित कर दिया है।

​प्रतियोगिता के परिणामों ने विद्यालय के शैक्षणिक और रचनात्मक वातावरण की गुणवत्ता को सिद्ध किया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में प्रतिष्ठा दास, कृषिव तिवारी, जीविका चंद्रा, पलक चंद्रा, वरुण अग्रवाल और अंशिका सैनी ने अपनी श्रेणी में गोल्ड मेडल हासिल कर विद्यालय को गौरवान्वित किया। इनके साथ ही सिल्वर मेडल की श्रेणी में हृदया पाठक, आयुष्मान खन्ना, रुद्र सिंह, आदित्य भट्ट और अंशिका सैनी ने बाजी मारी। वहीं ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों में कृषिव तिवारी, हृदया पाठक, इशिता चौरसिया और अभिनव कुमार का नाम शामिल है।

​विद्यालय के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाने के बाद अब कई विद्यार्थियों का चयन अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कला प्रतियोगिता के लिए हुआ है। यह सफलता दर्शाती है कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास और उनकी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

​इस गौरवशाली अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश चंद्रा और शिक्षक वर्ग ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत और उनके कला के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि कला जीवन में संवेदनशीलता और अनुशासन लाती है। प्रधानाचार्य ने विश्वास जताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी विद्यालय के छात्र इसी प्रकार का उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखेंगे। यह उपलब्धि अभिभावकों और संपूर्ण विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत हर्ष और संतोष का विषय है।


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