जनपद रामपुर में पतंगबाजी के दौरान उपयोग किए जाने वाले जानलेवा चाइनीज मांझे और अन्य धातुओं से बने धारदार धागों को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। जिला प्रशासन ने आम जनमानस की सुरक्षा और पशु-पक्षियों के बचाव के मद्देनजर इस प्रकार के धागों के निर्माण, क्रय-विक्रय, परिवहन और भंडारण को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि पूर्व में इस प्रकार के सिंथेटिक और कांच युक्त धागों से कई गंभीर दुर्घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें राहगीरों और बेजुबान पक्षियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों को आकस्मिक छापेमारी के विशेष निर्देश
अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन डॉ. नितिन मदान की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में सभी उप जिला मजिस्ट्रेटों और क्षेत्राधिकारियों को विशेष हिदायत दी गई है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने संबंधित क्षेत्रों में सघन और आकस्मिक अभियान चलाएं। इस विशेष अभियान में नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिकारियों का भी सक्रिय सहयोग लिया जाएगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में कहीं भी प्रतिबंधित मांझे की बिक्री या निर्माण न हो रहा हो। यदि किसी भी स्थान पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए माल जब्त किया जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जो भी व्यक्ति इस आदेश की अवहेलना करते हुए पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सुसंगत कानूनी प्रावधानों और नियमों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है ताकि जमीनी स्तर पर प्रवर्तन की प्रक्रिया को मजबूती दी जा सके। स्थानीय प्रशासन का लक्ष्य केवल जब्ती करना नहीं है, बल्कि इस घातक व्यापार की पूरी चेन को ध्वस्त करना है। इसके लिए बिजली वितरण मंडल और सूचना विभाग को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु सूचित किया गया है ताकि लोगों के बीच जागरूकता भी फैलाई जा सके और नियमों का पालन कड़ाई से हो।
जन सुरक्षा के लिए सामूहिक सहयोग की अपील
प्रशासन का मानना है कि केवल सरकारी आदेशों से इस समस्या का पूर्ण समाधान संभव नहीं है, इसके लिए नागरिक जागरूकता भी अनिवार्य है। प्रतिबंधित मांझे के निर्माण और बिक्री पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय निवासियों को भी जागरूक रहने की आवश्यकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है और इसकी प्रगति रिपोर्ट पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य पतंगबाजी के पारंपरिक उत्सव को सुरक्षित बनाना है ताकि किसी भी परिवार को इस जानलेवा धागे की वजह से कोई दुखद घटना न झेलनी पड़े।
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