रामपुर का सबसे शांत और वीआईपी कहा जाने वाला थाना सिविल लाइंस इलाका उस वक्त दहल उठा जब रात के सन्नाटे को चीरती हुई गोलियों की आवाजें सुनाई दीं। 14 जनवरी की ठंडी रात में मकर संक्रांति का जश्न अभी थमा ही था कि अचानक आवास विकास कॉलोनी के करीब हुई फायरिंग की सनसनीखेज वारदात सामने आ गई। इंडियन ऑयल कंपनी के सेल्स हेड अनुज कुमार अपनी कार से रोजाना की तरह वापस लौट रहे थे। उन्हें इस बात का इल्म भी नहीं था कि एक अमेज कार पिछले काफी समय से उनका पीछा कर रही थी। जैसे ही उनकी गाड़ी एक सुनसान मोड़ पर पहुंची, पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें ओवरटेक किया और फिर जो हुआ उसने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी। बदमाशों ने बिना किसी चेतावनी के खिड़की से असलहे बाहर निकाले और अधिकारी की गाड़ी को लक्ष्य बनाकर एक के बाद एक कई राउंड फायर झोंक दिए। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा और अधिकारी की कार के शीशे मलबे की तरह बिखर गए।
शातिर बदमाशों की घेराबंदी और नंबर प्लेट की चाल
यह वारदात कोई साधारण अपराध नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा नजर आती है। हमलावरों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। शुरुआती पुलिस पड़ताल में यह बात सामने आई है कि बदमाशों ने अपनी अमेज कार की नंबर प्लेट को कपड़े या काली टेप से पूरी तरह ढक रखा था। इसका मतलब साफ है कि हमलावर पेशेवर थे और उन्हें इलाके के रास्तों के साथ-साथ पुलिस की गश्त के समय की भी पूरी जानकारी थी। जिस रफ्तार से फायरिंग की गई और फिर जिस तेजी से शूटर मौके से फरार हुए, उसने रामपुर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अधिकारी ने गाड़ी की सीट के नीचे झुककर किसी तरह अपनी जान बचाई, वरना यह वारदात एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी।
पुलिस की दबिश और रंजिश के एंगल पर टिकी जांच
सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइंस की पुलिस टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। घटनास्थल से मिले कारतूस के खोखे इस बात की गवाही दे रहे थे कि हमलावर हत्या के इरादे से ही आए थे। पुलिस ने तुरंत पूरे जिले में नाकाबंदी कर दी और संदिग्ध अमेज कार की तलाश शुरू कर दी। आसपास के घरों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बदमाशों के आने और जाने के सही रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस इस मामले में आपसी रंजिश, विभागीय विवाद या फिर किसी पुराने मामले के तार भी जोड़कर देख रही है। पीड़ित ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तहरीर दे दी है, जिसके आधार पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन चेहरों को बेनकाब करना है जिन्होंने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए इस वारदात को अंजाम दिया।
---समाप्त---