रुद्रपुर के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता राजकुमार ठुकराल ने काशीपुर का दौरा कर दिवंगत किसान सुखवंत सिंह के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान माहौल अत्यंत गमगीन रहा और ठुकराल ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक अन्नदाता का इस प्रकार दुनिया से चले जाना न केवल परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे समाज और मानवता के लिए एक दुखद अध्याय है। ठुकराल ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए विश्वास दिलाया कि वह इस कठिन समय में उनके साथ एक चट्टान की तरह खड़े हैं और न्याय की इस लड़ाई में वह शुरू से अंत तक उनका साथ निभाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब भी और जहाँ भी परिवार को उनकी जरूरत महसूस होगी, वह बिना समय गंवाए तत्काल उनके पास पहुंचेंगे।

​घटना की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए राजकुमार ठुकराल ने पुलिस प्रशासन और स्थानीय कानून व्यवस्था पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखवंत सिंह की मृत्यु कोई साधारण आत्महत्या नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था द्वारा सुनियोजित तरीके से किया गया उत्पीड़न है। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि किसान सुखवंत सिंह भू-माफियाओं के जाल और पुलिस की निरंतर प्रताड़ना से इस कदर टूट चुके थे कि उन्हें अपनी जीवनलीला समाप्त करने जैसा आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। ठुकराल के अनुसार, यह घटना सीधे तौर पर शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है, जहाँ एक ईमानदार नागरिक को न्याय मिलने के बजाय दबंगों और भ्रष्ट तंत्र का सामना करना पड़ा।

​पूर्व विधायक ने राज्य सरकार और शासन से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे संवेदनशील प्रकरण की उच्च स्तरीय सीबीआई जांच कराई जाए। उन्होंने तर्क दिया कि स्थानीय स्तर पर जांच निष्पक्ष होने की गुंजाइश कम है क्योंकि इसमें पुलिस और भू-माफियाओं की मिलीभगत की बू आ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस षड्यंत्र में शामिल असली चेहरों और उन्हें पर्दे के पीछे से संरक्षण देने वाले अधिकारियों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक वह शांत नहीं बैठेंगे। ठुकराल ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई ही पीड़ित परिवार के लिए वास्तविक न्याय होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि प्रशासन ने इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाया, तो वह बड़े स्तर पर जन-आंदोलन खड़ा करने से पीछे नहीं हटेंगे। उनका संकल्प है कि जब तक किसान को इंसाफ नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा।


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