पंजाब में नशे के खात्मे की जिम्मेदारी जिस अफसर के कंधों पर थी, वही तस्करों का सबसे बड़ा मददगार बनकर सामने आया है। पंजाब पुलिस ने फिरोजपुर काउंटर-इंटेलिजेंस इकाई के प्रभारी इंस्पेक्टर बलदेव सिंह को भारी मात्रा में हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जिस अधिकारी का काम सीमा पार से आने वाले नशे के नेटवर्क को तोड़ना और तस्करों की धरपकड़ करना था, उसी के पास से करोड़ों रुपये का नशीला पदार्थ मिलना पुलिस तंत्र के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। इस खुलासे के बाद पूरे पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
तलाशी में हथियारों का जखीरा बरामद
पुलिस की खुफिया विंग को काफी समय से इस बात का शक था कि तस्करों की मदद महकमे के भीतर से ही कोई कर रहा है। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद जब विशेष टीम ने इंस्पेक्टर बलदेव सिंह की घेराबंदी कर तलाशी ली, तो वहां मौजूद हर कोई सन्न रह गया। आरोपी इंस्पेक्टर के पास से 3.35 किलोग्राम शुद्ध हेरोइन, छह अवैध पिस्तौल और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और घातक हथियारों की मौजूदगी यह साफ इशारा कर रही है कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और बड़े गिरोह का हिस्सा है। पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
बरामद मोबाइल फोनों से खुलेगा नेटवर्क
जांच टीम ने मौके से मिले सभी छह मोबाइल फोनों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस का मानना है कि इन फोनों के कॉल रिकॉर्ड्स और इंटरनेट चैट्स से कई चौंकाने वाले राज सामने आएंगे। पूछताछ में इस बात की तह तक जाने की कोशिश हो रही है कि आरोपी इंस्पेक्टर के तार सीमा पार बैठे किन तस्करों और स्थानीय नशा माफियाओं से जुड़े हुए थे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पुलिस की गोपनीय कार्रवाइयों की जानकारी तस्करों तक पहुंचाने के बदले क्या-क्या सौदेबाजी की जा रही थी। आने वाले दिनों में इस मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
महकमे की साख पर उठे गंभीर सवाल
इस सनसनीखेज गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों और सीमावर्ती इलाकों में तैनात पुलिस व्यवस्था की साख पर गहरा दाग लगा दिया है। विभाग की जिस खास यूनिट को नशे के बड़े रैकेट खत्म करने के लिए आधुनिक संसाधन दिए गए थे, उसका मुखिया ही खुद इस काले कारोबार का मुख्य मोहरा निकला। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि जो पुलिस वाले आम जनता को नशे से बचाने का दावा करते हैं, वे ही अपने पद और वर्दी की आड़ में इतना बड़ा खेल चला रहे थे। आला अधिकारियों का कहना है कि विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और नशाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आरोपी के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम की जाएगी जिससे कोई दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न जुटा सके।
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