इंसानी फितरत में लालच जब अंधेपन की सीमा पार कर जाए, तो वह कितना घातक हो सकता है, इसका उदाहरण पटियाला के देवीगढ़ में देखने को मिला है। यहां एक महिला ने रिश्तों की मर्यादा को पूरी तरह तार-तार करते हुए शादी को मौत के व्यापार में तब्दील कर दिया। लोग इसे अब 'जहरीली लुटेरी दुल्हन' के नाम से पुकार रहे हैं, क्योंकि उसने सिर्फ लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ नहीं किया, बल्कि उनके शरीर में एक ऐसी लाइलाज बीमारी का बीज बो दिया जिसका कोई इलाज नहीं है। यह मामला साधारण धोखाधड़ी से कहीं आगे बढ़कर एक जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है।
भाई के भेष में पति और ठगी का कुनबा
इस जहरीली दुल्हन के काले कारनामों की पटकथा उसके अपने घर में ही लिखी जाती थी। इस पूरे खेल में महिला का असली पति उसका सबसे बड़ा साझेदार था। जब भी यह महिला किसी नए शिकार को अपने जाल में फंसाती थी, तो उसका पति दुनिया के सामने उसका सगा भाई बनकर पेश होता था। यह गिरोह उन भोले-भाले पुरुषों की तलाश करता था जो उम्र के ढलान पर थे और एक अदद जीवनसाथी के लिए तरस रहे थे। गिरोह के अन्य सदस्य भी झूठे रिश्तेदार बनकर पीड़ित परिवार को भावनात्मक रूप से बंधक बना लेते थे और फिर शुरू होता था लूट का खूनी खेल।
शादी के बहाने जानलेवा संक्रमण का सौदा
इस शातिर महिला ने अब तक आठ शादियां रचाईं और हर बार एक ही पैटर्न को दोहराया। शादी के कुछ ही दिन बाद वह जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती थी। लेकिन इस बार जब पुलिस ने उसे उसकी नौवीं शादी की तैयारी के दौरान पकड़ा, तो जो सच सामने आया उसने समाज की रूह कंपा दी। मेडिकल जांच में पता चला कि यह महिला HIV पॉजिटिव है। सबसे डरावनी बात यह है कि उसे अपनी इस बीमारी का बखूबी पता था, फिर भी उसने जानबूझकर आठ पुरुषों के साथ वैवाहिक संबंध बनाए। यह महज चोरी नहीं, बल्कि उन लोगों को धीमी मौत की तरफ धकेलने की एक सोची-समझी साजिश थी।
बर्बाद हुए घर और खौफ में डूबे दूल्हे
जैसे ही इस लुटेरी दुल्हन के HIV संक्रमित होने की खबर फैली, जिन घरों में इसने कदम रखा था वहां मातम छा गया। वे आठ पुरुष जिन्होंने इस महिला को अपनी जीवनसंगिनी समझा था, अब मौत के साये में जी रहे हैं। इस महिला के पहले से तीन बच्चे हैं, इसके बावजूद उसने अपनी हवस और पैसों की भूख को शांत करने के लिए दूसरों की जान को खतरे में डाला। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद अब वह अपने गिरोह के साथ जेल की सलाखों के पीछे है, लेकिन उसने जो जख्म उन परिवारों को दिए हैं, उनकी भरपाई शायद कानून भी कभी न कर पाए।
अंधे विश्वास की कीमत और पुलिस की चेतावनी
पटियाला पुलिस अब इस गिरोह के खिलाफ हत्या के प्रयास और जानबूझकर संक्रमण फैलाने जैसी सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है। यह मामला उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो सोशल मीडिया या बिचौलियों के कहने पर बिना जांच-पड़ताल के शादी का फैसला कर लेते हैं। एक छोटी सी लापरवाही न केवल आपके घर की तिजोरी खाली कर सकती है, बल्कि आपको ऐसी बीमारी का शिकार बना सकती है जिसका अंत सिर्फ श्मशान में होता है। किसी भी नए रिश्ते में कदम रखने से पहले स्वास्थ्य और चरित्र की पुष्टि करना अब समय की सबसे बड़ी मांग बन गई है।
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