लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं इलाके में शुक्रवार (31 अक्टूबर 2025) को दिनदहाड़े हुई 25 वर्षीय युवा कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध से आहत मृतक के परिजनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मामले में नामजद सभी 12 आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता, तब तक वे तेजपाल का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

न्याय के लिए अड़ा परिवार
तेजपाल सिंह के शव को अभी भी उनके पैतृक गांव के घर में रखा गया है। परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन की अपील ठुकरा दी है और न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार से इनकार करते हुए विरोध प्रदर्शन जारी रखा है। उनका कहना है कि पुलिस कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में काम कर रही है और सभी दोषियों को नहीं पकड़ रही है। परिवार का मुख्य जोर उन मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी पर है, जिनके बारे में उनका मानना है कि वे अभी भी फरार हैं।
क्या था मामला और पुलिस कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, तेजपाल सिंह शुक्रवार को अपने एक दोस्त से मिलने जगराओं गए थे। जब वह वापस लौट रहे थे, तभी एक कार में आए हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और गोलियां चला दीं। तेजपाल की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना पुरानी निजी रंजिश का परिणाम बताई जा रही है, जो कुछ हफ़्तों पहले हुए एक विवाद से जुड़ी थी।
पुलिस ने इस मामले में मृतक के परिवार के बयान के आधार पर 12 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने रविवार (2 नवंबर 2025) को दो आरोपियों, गगनदीप सिंह और हरप्रीत सिंह उर्फ हनी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजनीतिक समर्थन और दबाव
इस संवेदनशील मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और लुधियाना के सांसद और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। नेताओं ने परिवार को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है और पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई कर सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने का आग्रह किया है।
परिवार का विरोध प्रदर्शन जारी है और उनका कहना है कि वे अंतिम संस्कार तभी करेंगे जब पुलिस उन्हें लिखित में आश्वासन देगी कि सभी हत्यारे जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।