इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की बरामदगी से जुड़े एक मामले में आरोपी शुभम जायसवाल और उसके पिता को बड़ी कानूनी राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने आरोपियों की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की कार्यवाही को चुनौती दी थी। इस फैसले के बाद अब यह साफ हो गया है कि दोनों आरोपियों पर नशीले पदार्थ की तस्करी से जुड़ी धाराओं के तहत ही मुकदमा चलेगा।
मामले के अनुसार, पुलिस ने भारी मात्रा में कोडीन सिरप की खेप बरामद की थी, जिसका उपयोग नशे के रूप में किए जाने की आशंका थी। इस मामले में शुभम जायसवाल और उसके पिता को मुख्य आरोपी बनाया गया था। आरोपियों की ओर से कोर्ट में यह दलील दी गई थी कि बरामद की गई सामग्री एक औषधि (दवा) की श्रेणी में आती है, इसलिए उन पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधान लागू होने चाहिए। उन्होंने तर्क दिया था कि उन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई कार्रवाई वैधानिक रूप से उचित नहीं है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और बरामद सामग्री की भारी मात्रा को देखते हुए याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई प्रतिबंधित पदार्थ व्यावसायिक मात्रा में बरामद होता है और उसका उद्देश्य अवैध व्यापार या तस्करी जान पड़ता है, तो ऐसी स्थिति में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जाना पूरी तरह न्यायसंगत है।
इस आदेश के बाद अब प्रयागराज की संबंधित निचली अदालत में इस मामले का ट्रायल शुरू होगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट के इस कड़े रुख से उन लोगों पर शिकंजा कसेगा जो दवाओं की आड़ में नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार कर रहे हैं। फिलहाल, याचिका खारिज होने से आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और उन्हें अब ट्रायल कोर्ट में ही अपनी बेगुनाही साबित करनी होगी।
HC का बड़ा फैसला: कोडीन मामले के आरोपियों पर NDPS के तहत चलेगा मुकदमा
संक्षेप: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की बरामदगी से जुड़े एक मामले में आरोपी शुभम जायसवाल और उसके पिता को बड़ी कानूनी राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने आरोपियों की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की कार्यवाही को चुनौती दी थी।
Dec 19, 2025
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका, प्रयागराज
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका, प्रयागराज