पुलिस और अपराधियों के बीच हुई तीखी मुठभेड़ में एक गो-तस्कर घायल हो गया। यह घटना सोमवार रात की है जब थानाध्यक्ष हरेंद्र यादव अपनी टीम के साथ चमरपुरा और भोट सीमा के समीप गश्त पर तैनात थे। इसी दौरान मुखबिर के जरिए पुलिस को सूचना मिली कि कुछ अपराधी जसमौली गांव के सुनसान जंगलों में किसी गोवंशीय पशु के वध की योजना बना रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी ताकि अपराधियों को भागने का कोई मौका न मिल सके।

जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ शातिर अपराधी

जैसे ही पुलिस टीम जंगल के भीतर पहुंची, वहां मौजूद बाइक सवार संदिग्धों ने खुद को घिरा हुआ पाकर पुलिस पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से बचते हुए पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। इस गोलाबारी में एक तस्कर के पैर में गोली लग गई, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से घायल तस्कर और उसके भागने की कोशिश कर रहे दूसरे साथी को दबोच लिया। घायल बदमाश की पहचान शहजादनगर के चमरौआ निवासी बाबू उर्फ सूखा के रूप में हुई है, जबकि दूसरे पकड़े गए आरोपी का नाम शाहिद बताया गया है जो भोट थाना क्षेत्र के इन्ड्रा गांव का निवासी है।

अस्पताल में भर्ती और बरामदगी का विवरण

मुठभेड़ के तत्काल बाद पुलिस ने घायल अपराधी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि पकड़े गए अभियुक्तों के पास से तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये अपराधी भोट थाना क्षेत्र में पूर्व में हुई गो-तस्करी की घटनाओं में भी शामिल रहे थे और एक बार फिर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है ताकि क्षेत्र में गो-तस्करी के सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।


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