इस बार के बजट ने उन लोगों के चेहरे पर चमक बिखेर दी है जो तकनीक और पर्यावरण के प्रति सजग हैं। सरकार ने घरेलू उत्पादन को मजबूती देने के लिए मोबाइल बैटरी और ओवन जैसे रोजमर्रा के गैजेट्स पर लगने वाले करों को कम कर दिया है। सबसे बड़ा बदलाव सोलर सेक्टर में देखने को मिल रहा है, जहाँ उपकरणों के सस्ते होने से अब घरों की छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाना पहले से कहीं अधिक सुलभ हो जाएगा। मध्यम वर्ग के लिए एक और सुकून देने वाली खबर विदेश यात्रा को लेकर आई है, जिसके खर्चों में कटौती की उम्मीद जताई गई है।
कैंसर और दुर्लभ बीमारियों पर बड़ा प्रहार
स्वास्थ्य के मोर्चे पर सरकार ने इस बार बेहद संवेदनशीलता दिखाई है। वित्त मंत्री ने एलान किया है कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ने के लिए अब मरीजों को सत्रह दवाओं पर कम खर्च करना होगा। इतना ही नहीं, सात ऐसी दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी सस्ती की गई हैं जिनका इलाज अब तक आम आदमी की पहुंच से बाहर माना जाता था। शुगर यानी मधुमेह की दवाओं और महत्वपूर्ण मेडिकल डिवाइज पर कस्टम ड्यूटी घटाकर सरकार ने सीधे तौर पर उन परिवारों को राहत दी है जो लंबे समय से महंगे इलाज की मार झेल रहे थे।
महंगी होगी शाम और बढ़ेगा खजाना
राहत की खबरों के बीच कुछ कड़े फैसले भी लिए गए हैं, जिनका असर विशेष वर्गों पर पड़ेगा। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि आगामी वर्ष में शराब का सेवन करना और महंगा हो जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले स्क्रैप और विभिन्न खनिजों की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। इन फैसलों के पीछे का तर्क राजस्व बढ़ाना और संसाधनों का सही प्रबंधन करना है। सीएनजी और बायोगैस के दाम घटाकर सरकार ने स्वच्छ ईंधन की तरफ एक बड़ा कदम बढ़ाया है, जिससे आम आदमी के सफर की लागत कम होने की संभावना है।
जीडीपी और राजकोषीय घाटे का नया समीकरण
आर्थिक स्थिरता को लेकर सरकार के इरादे इस बजट में बिल्कुल साफ नजर आते हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद का 4.3 प्रतिशत रखा गया है, जो एक संतुलित अर्थव्यवस्था की ओर इशारा करता है। दवाओं और तकनीकी उपकरणों पर सीमा शुल्क घटाने का फैसला भले ही राजस्व पर दबाव डाले, लेकिन लंबी अवधि में यह देश के मानव संसाधन और विनिर्माण क्षमता को बेहतर बनाने का काम करेगा। यह बजट बताता है कि सरकार घाटे को कम करने के साथ-साथ आम जनता की बुनियादी जरूरतों को लेकर भी गंभीर है।
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