नई दिल्ली। 1 नवंबर, 2025 से आधार कार्ड नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं, जिन्हें भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने लागू किया है। इन बदलावों का मकसद आधार अपडेट की प्रक्रिया को आसान, सुरक्षित और कागजरहित बनाना है। ये परिवर्तन आधार धारकों को ऑनलाइन सेवाओं का बेहतर अनुभव प्रदान करेंगे। 1. ऑनलाइन अपडेट प्रक्रिया में बड़ा बदलाव अब आधार धारक अपना नाम, पता, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी घर बैठे ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे। स्वचालित सत्यापन: नए सिस्टम के तहत, अपडेट की गई जानकारी को अन्य सरकारी डेटाबेस जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और राशन कार्ड से स्वचालित रूप से सत्यापित किया जाएगा। कागजी दस्तावेजों से मुक्ति: इसका मतलब है कि कई अपडेट के लिए आपको कोई दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी। बायोमेट्रिक अपडेट के लिए केंद्र पर जाना जरूरी: हालांकि, फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन जैसे बायोमेट्रिक अपडेट के लिए अभी भी आधार सेवा केंद्र जाना होगा। 2. पैन-आधार लिंक करना अनिवार्य अंतिम समय सीमा: सभी पैन कार्ड धारकों के लिए 31 दिसंबर, 2025 तक अपने पैन को आधार से लिंक करना अनिवार्य है। परिणाम: इस समय सीमा का पालन न करने पर 1 जनवरी, 2026 से पैन निष्क्रिय हो जाएगा। प्रभाव: एक बार पैन निष्क्रिय होने पर, धारकों को निवेश, बैंकिंग और कर संबंधी कामों में परेशानी हो सकती है। 3. शुल्क संरचना में संशोधन 1 अक्टूबर, 2025 से लागू: UIDAI ने 1 अक्टूबर, 2025 से आधार अपडेट शुल्क में बढ़ोतरी की है। डेमोग्राफिक अपडेट: नाम, पता या मोबाइल नंबर जैसे डेमोग्राफिक अपडेट का शुल्क ₹50 से बढ़कर ₹75 हो गया है। बायोमेट्रिक अपडेट: फिंगरप्रिंट या आईरिस अपडेट का शुल्क ₹100 से बढ़कर ₹125 कर दिया गया है। 4. केवाईसी प्रक्रिया का सरलीकरण तेज और कागजरहित: बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए केवाईसी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नए विकल्प: अब केवाईसी के लिए आधार ओटीपी, वीडियो केवाईसी या आमने-सामने सत्यापन जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। एईपीएस में बदलाव: 1 जनवरी, 2026 से आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) के लिए धोखाधड़ी-निगरानी के नए नियम लागू होंगे, जिससे यह और भी सुरक्षित हो जाएगा। 5. बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट बच्चों को राहत: 7 से 15 साल की उम्र के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट निःशुल्क कर दिया गया है। विद्यालय सहयोग: बच्चों का आधार अपडेट सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों से भी सहयोग करने के लिए कहा गया है। 6. e-KYC और डेटा गोपनीयता UIDAI और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ऑफलाइन केवाईसी और आधार ई-केवाईसी सेतु जैसी नई सुविधाएं शुरू की हैं। इससे डेटा गोपनीयता को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि अब संस्थानों को सत्यापन के लिए पूरे आधार नंबर की आवश्यकता नहीं होगी। इन बदलावों से आधार सेवाओं का उपयोग करना न केवल आसान हो जाएगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि सभी रिकॉर्ड सही और सुरक्षित रहें। आधार कार्ड धारकों को सलाह दी जाती है कि वे सभी नई समय-सीमाओं पर ध्यान दें, खासकर पैन-आधार लिंक करने की अंतिम तिथि पर, ताकि किसी भी सेवा में रुकावट न आए।

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