गुप्त सूचना और जाल
एनसीबी मुंबई की यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि दानिश चिकना गोवा में छिपा हुआ है और वहां से अपने ड्रग नेटवर्क का संचालन कर रहा है। इसके बाद, एनसीबी ने एक विस्तृत ऑपरेशन शुरू किया।
पुणे कनेक्शन: जांच के दौरान, एनसीबी ने पहले पुणे से एक शख्स को गिरफ्तार किया, जिसके पास से ड्रग्स बरामद हुआ था।
तकनीकी निगरानी: एनसीबी ने दानिश और उसके सहयोगियों पर तकनीकी और डिजिटल निगरानी शुरू की, जिससे उनकी लोकेशन और गतिविधियों का पता लगाया जा सका।
गोवा में घेराबंदी: पुख्ता जानकारी मिलने के बाद, 25 अक्टूबर को एनसीबी की टीम ने गोवा के एक हॉलिडे रिसॉर्ट में छापा मारा और दानिश को रंगे हाथों धर दबोचा।
दानिश चिकना का काला इतिहास
दानिश मर्चेंट उर्फ दानिश चिकना मुंबई के डोंगरी इलाके का रहने वाला है और लंबे समय से नशे के कारोबार में सक्रिय रहा है।
दाऊद का करीबी: वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है और डी-कंपनी के लिए ड्रग्स की अवैध सप्लाई का काम देखता था।
डोंगरी में फैक्ट्री: दानिश चिकना कथित तौर पर डोंगरी में दाऊद की ड्रग फैक्ट्री को भी संभालता था, जहां बड़ी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स का उत्पादन किया जाता था।
तड़ीपार: दानिश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। मुंबई पुलिस ने उसे तड़ीपार घोषित कर दिया था, जिसका मतलब था कि उसे शहर की सीमा से बाहर रहना था।
पहले भी गिरफ्तार: दानिश पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुका है। 2021 में, एनसीबी और राजस्थान पुलिस के एक संयुक्त अभियान में उसे कोटा से भी पकड़ा गया था।
लंबित मामले: दानिश के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) के कई मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई
पूछताछ: गिरफ्तारी के बाद एनसीबी दानिश चिकना से पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके।
डी-कंपनी पर प्रहार: दानिश की गिरफ्तारी को दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी के ड्रग सिंडिकेट पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
नए खुलासे की उम्मीद: एनसीबी को उम्मीद है कि दानिश के खुलासे के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों का पर्दाफाश होगा, जिससे भारत में ड्रग्स के कारोबार को बड़ा झटका लगेगा।
इस कार्रवाई से पता चलता है कि एनसीबी भारत में ड्रग्स के कारोबार को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और अंडरवर्ल्ड से जुड़े ऐसे अपराधों पर लगातार नजर रख रही है।i ---समाप्त---दाऊद के ड्रग्स सिंडिकेट का किंगपिन दानिश चिकना एनसीबी की गिरफ्त में, जानें कैसे बिछाया गया जाल
Oct 30, 2025
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका,
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका,
गुप्त सूचना और जाल
एनसीबी मुंबई की यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि दानिश चिकना गोवा में छिपा हुआ है और वहां से अपने ड्रग नेटवर्क का संचालन कर रहा है। इसके बाद, एनसीबी ने एक विस्तृत ऑपरेशन शुरू किया।
पुणे कनेक्शन: जांच के दौरान, एनसीबी ने पहले पुणे से एक शख्स को गिरफ्तार किया, जिसके पास से ड्रग्स बरामद हुआ था।
तकनीकी निगरानी: एनसीबी ने दानिश और उसके सहयोगियों पर तकनीकी और डिजिटल निगरानी शुरू की, जिससे उनकी लोकेशन और गतिविधियों का पता लगाया जा सका।
गोवा में घेराबंदी: पुख्ता जानकारी मिलने के बाद, 25 अक्टूबर को एनसीबी की टीम ने गोवा के एक हॉलिडे रिसॉर्ट में छापा मारा और दानिश को रंगे हाथों धर दबोचा।
दानिश चिकना का काला इतिहास
दानिश मर्चेंट उर्फ दानिश चिकना मुंबई के डोंगरी इलाके का रहने वाला है और लंबे समय से नशे के कारोबार में सक्रिय रहा है।
दाऊद का करीबी: वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है और डी-कंपनी के लिए ड्रग्स की अवैध सप्लाई का काम देखता था।
डोंगरी में फैक्ट्री: दानिश चिकना कथित तौर पर डोंगरी में दाऊद की ड्रग फैक्ट्री को भी संभालता था, जहां बड़ी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स का उत्पादन किया जाता था।
तड़ीपार: दानिश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। मुंबई पुलिस ने उसे तड़ीपार घोषित कर दिया था, जिसका मतलब था कि उसे शहर की सीमा से बाहर रहना था।
पहले भी गिरफ्तार: दानिश पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुका है। 2021 में, एनसीबी और राजस्थान पुलिस के एक संयुक्त अभियान में उसे कोटा से भी पकड़ा गया था।
लंबित मामले: दानिश के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) के कई मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई
पूछताछ: गिरफ्तारी के बाद एनसीबी दानिश चिकना से पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके।
डी-कंपनी पर प्रहार: दानिश की गिरफ्तारी को दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी के ड्रग सिंडिकेट पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
नए खुलासे की उम्मीद: एनसीबी को उम्मीद है कि दानिश के खुलासे के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों का पर्दाफाश होगा, जिससे भारत में ड्रग्स के कारोबार को बड़ा झटका लगेगा।
इस कार्रवाई से पता चलता है कि एनसीबी भारत में ड्रग्स के कारोबार को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और अंडरवर्ल्ड से जुड़े ऐसे अपराधों पर लगातार नजर रख रही है।i ---समाप्त---