पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह जलोटा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। परविंदर जब सोशल मीडिया पर लाइव आकर मेडिकल स्टोर के जरिए नशे के अवैध कारोबार की पोल खोल रहे थे, तभी संचालक अश्विनी कुमार ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सरेआम हुई इस खूनी वारदात की खबर फैलते ही शहर में तनाव फैल गया। हत्या से आक्रोशित सैकड़ों स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भीड़ आरोपी के मेडिकल स्टोर पर टूट पड़ी। गुस्साए लोगों ने दुकान के शटर तोड़ डाले और भीतर रखी दवाइयों, फर्नीचर और काउंटरों को चकनाचूर कर दिया। हालात बिगड़ते देख बाजार के बाकी दुकानदार आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर भाग खड़े हुए।

​फेसबुक लाइव पर खूनी खेल

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, परविंदर सिंह मोबाइल हाथ में लिए मेडिकल स्टोर के ठीक बाहर खड़े थे और फेसबुक लाइव के जरिए सीधे जनता से मुखातिब थे। वह आरोप लगा रहे थे कि इस दुकान से युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने वाली नशीली दवाएं बेची जाती हैं। लाइव प्रसारण के दौरान ही दुकान मालिक अश्विनी कुमार गुस्से में तमतमाता हुआ बाहर निकला। दोनों में तीखी कहासुनी शुरू ही हुई थी कि अश्विनी ने अपनी पिस्तौल निकालकर परविंदर के सीने और पेट में ताबड़तोड़ कई गोलियां दाग दीं। गोलियों की आवाज से पूरे बाजार में भगदड़ मच गई। सड़क पर गिरे मोबाइल में हत्या के बाद का पूरा खौफनाक मंजर और लोगों की चीख-पुकार लाइव कैद हो गई, जिसे देखकर हर कोई दहल गया।

​जूतों के हार से शुरू हुई दुश्मनी


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घटना के पीछे एक साल पुरानी बेइज्जती और रंजिश बताई जा रही है। साल 2023 में परविंदर सिंह ने इसी मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाएं बेचने का आरोप लगाकर भारी हंगामा किया था। उस दौरान परविंदर और उनके साथियों ने अश्विनी कुमार को पकड़कर उसके गले में जूतों की माला डाल दी थी और भरे बाजार में उसका जुलूस निकाला था। इस वाकये के बाद से ही अश्विनी समाज में अपनी फजीहत का बदला लेने की फिराक में था। जैसे ही परविंदर दोबारा उसकी दुकान के बाहर लाइव आकर आरोप लगाने लगे, आरोपी ने आपा खो दिया और पुरानी खुंदक में सीधे गोली चला दी।

​इलाके में तनाव, सरकार के खिलाफ गुस्सा

दुकान में तोड़फोड़ और भारी हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल और दंगा रोधी दस्तों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह लाठियां फटकार कर भीड़ को दुकान से पीछे हटाया और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। आरोपी संचालक की धरपकड़ के लिए कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। इस हत्याकांड के बाद न सिर्फ मानसा बल्कि पूरे पंजाब में नशे के मुद्दे और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा पनप रहा है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि सूबे में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग ही सुरक्षित नहीं हैं। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है।

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