मुम्बई। भोजपुरी अभिनेता और राजनेता Khesari Lal Yadav के मुंबई स्थित मीरा रोड बंगले पर अब Bulldozer चलने का खतरा मंडरा रहा है। मीरा-भायंदर महानगर पालिका (MBMC) ने उन्हें Illegal Construction (अवैध निर्माण) को लेकर अंतिम नोटिस जारी किया है। Bulldozer कार्रवाई के मामले में नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

​नगर निगम ने उन्हें तुरंत लोहे के एंगल और टीन शेड जैसे कथित अवैध निर्माणों को हटाने का निर्देश दिया है। Khesari Lal Yadav की कानूनी टीम अब MBMC की इस चेतावनी का जवाब देने की तैयारी कर रही है।

क्या है Khesari Lal Yadav के बंगले पर Illegal Construction का मामला?

​मीरा भायंदर महानगर पालिका (MBMC) के अतिक्रमण विभाग का आरोप है कि Khesari Lal Yadav ने अपने बंगले में नियमों का उल्लंघन किया है। यह मामला Illegal Construction से जुड़ा है।


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अवैधता का बिंदु: अभिनेता ने कथित तौर पर बंगले के परिसर में बिना किसी आवश्यक अनुमति के लोहे के एंगल और टीन शेड का निर्माण कराया है। नगर निगम के अनुसार, यह निर्माण स्वीकृत लेआउट प्लान का उल्लंघन है और इसे अवैध अतिक्रमण माना गया है। ​नोटिस की प्रकृति: यह नोटिस महाराष्ट्र प्रादेशिक और नगर नियोजन अधिनियम, 1966 (MRTP Act) की संबंधित धाराओं के तहत जारी किया गया है, जो शहरी क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार देता है। यह नोटिस सीधे तौर पर Bulldozer कार्रवाई का संकेत है।

आगे की कानूनी कार्रवाई और Bulldozer का संभावित संचालन

MBMC द्वारा जारी नोटिस में कानूनी कार्रवाई की समयरेखा और प्रक्रिया स्पष्ट रूप से बताई गई है, जिसका सीधा असर Khesari Lal Yadav के बंगले पर पड़ेगा:

1. नोटिस अवधि समाप्त होना

​नोटिस में एक निश्चित अवधि (आमतौर पर 7 से 15 दिन) दी जाती है। यदि Khesari Lal Yadav इस अवधि के भीतर स्वयं Illegal Construction नहीं हटाते हैं, तो नगर निगम अपने अगले चरण की कानूनी कार्रवाई के लिए आगे बढ़ेगा।

2. बलपूर्वक ध्वस्तीकरण (Demolition) - Bulldozer

​नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद, MBMC का अतिक्रमण विभाग Bulldozer और आवश्यक मशीनरी के साथ बंगले पर पहुँचेगा। कार्रवाई के दौरान, पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की जाती है ताकि किसी भी विरोध या कानून-व्यवस्था की समस्या को रोका जा सके। यह भी पढ़ें: Bihar Polls 2025: बिहार चुनाव 2025: तूफानी मतदान! रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग ने बदल दिया जीत का समीकरण? नगर निगम बिना किसी चेतावनी के अवैध रूप से निर्मित लोहे के एंगल और शेड को पूरी तरह से ध्वस्त कर देगा। इस कार्रवाई को ही Bulldozer संचालन के रूप में देखा जा रहा है।

3. खर्च की वसूली

​कानूनी प्रावधानों के अनुसार, MBMC इस पूरी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया में आने वाले सभी खर्चों की वसूली Khesari Lal Yadav से ही करेगी। इसमें मशीनरी का किराया, श्रम शुल्क और पुलिस सुरक्षा पर हुआ खर्च शामिल है। ​यदि अभिनेता स्वेच्छा से भुगतान नहीं करते हैं, तो नगर निगम सरकारी राजस्व बकाया (Government Revenue Arrears) के रूप में वसूली के लिए अन्य कानूनी प्रक्रियाएं शुरू कर सकता है।

4. आपराधिक मुकदमा (संभावित)

​हालाँकि मुख्य कार्रवाई ध्वस्तीकरण की है, यदि Illegal Construction अति गंभीर प्रकृति का पाया जाता है या किसी संरचनात्मक सुरक्षा को खतरा उत्पन्न करता है, तो नगर निगम Khesari Lal Yadav पर MRTP Act के तहत मुकदमा भी दायर कर सकता है।

Khesari Lal Yadav की भावुक प्रतिक्रिया

​यह नोटिस ऐसे समय में आया है जब Khesari Lal Yadav अपनी राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण बिहार में हैं। इस नोटिस से वह काफी भावुक और निराश नजर आए हैं।

​उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपने मुंबई वाले घर को "खून-पसीने की कमाई" बताया और कहा कि उन्होंने बड़ी मेहनत और शिद्दत से उस घर को बनाया है। ​उन्होंने यह भी कहा कि "अब अगर भगवान की यही मर्जी है तो मैं क्या कर सकता हूं। मेरे साथ सब कुछ गलत हो रहा है।"

​फिलहाल, उनका परिवार बिहार चुनाव के कारण मुंबई स्थित बंगले में मौजूद नहीं है, लेकिन MBMC की इस सख्त कार्रवाई ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना यह है कि Khesari Lal Yadav की टीम इस Bulldozer कार्रवाई को रोकने के लिए कानूनी रास्ता अपनाती है या नहीं।

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