उत्तराखंड सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाने के संकल्प के साथ मंगलवार को खटीमा स्थित सनातन धर्मशाला में एक विशाल बहुद्देशीय शिविर का भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष दिशा-निर्देशों के क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं को उनके घर के समीप ही हल करना और सरकारी दफ्तरों के चक्करों से उन्हें मुक्ति दिलाना था। उपजिलाधिकारी तुषार सैनी की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में सुबह से ही स्थानीय नागरिकों का भारी उत्साह देखने को मिला। शिविर के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सरकार की प्राथमिकता केवल आवेदन लेना ही नहीं, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण और त्वरित समाधान करना भी है।
मौके पर समाधान और विभागीय समन्वय की मिसाल
शिविर की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कुल 1032 लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्राप्त हुए अस्सी प्रार्थना पत्रों में से बाइस का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण हेतु हस्तांतरित किया गया। उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित करें ताकि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ लेने में किसी भी तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े। शिविर में उपस्थित नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रमेश चन्द्र जोशी ने सरकार की इस पहल को क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि चुनी हुई सरकार स्वयं जनता के द्वार पर आकर उनकी पीड़ा सुन रही है, जो लोकतंत्र की सुदृढ़ता का परिचायक है।
स्वास्थ्य और समाज कल्याण सेवाओं का व्यापक विस्तार
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही जहाँ दो सौ से अधिक लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें निशुल्क औषधियां प्रदान की गई। इसी के साथ आयुष्मान कार्ड निर्माण और दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने जैसी आवश्यक सेवाएं भी एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गईं। समाज कल्याण विभाग ने वृद्धों और दिव्यांगों के लिए पेंशन आवेदन भरवाने के साथ ही बस पास निर्गत किए, जिससे असहाय वर्ग को बड़ी राहत मिली। पूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्डों की ई-केवाईसी और त्रुटियों के सुधार हेतु काउंटर लगाए गए, जिसका लाभ दर्जनों परिवारों ने उठाया। महिला सशक्तिकरण की दिशा में महालक्ष्मी किट वितरण और जननी सुरक्षा योजना जैसी पहलों ने ग्रामीण महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी।
आर्थिक स्वावलंबन और स्वरोजगार की नई राहें
प्रशासन द्वारा केवल समस्याओं के समाधान तक ही सीमित न रहकर नागरिकों को स्वरोजगार और कृषि क्षेत्र में नवाचार के लिए भी प्रेरित किया गया। उद्यान, डेयरी और पशुपालन विभागों ने अपनी विशिष्ट योजनाओं के माध्यम से लोगों को मसरूम उत्पादन, सब्जी विस्तार और दुधारू पशु योजना की जानकारी प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए। राजस्व विभाग ने भी तत्परता दिखाते हुए आय, जाति और स्थायी निवास प्रमाण पत्र के साथ-साथ खतौनी की नकलें वितरित कीं। राज्य और केंद्र सरकार की लगभग एक दर्जन से अधिक फ्लैगशिप योजनाओं से सैकड़ों लाभार्थियों को जोड़कर इस शिविर ने सुशासन की नई इबारत लिखी, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।
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