उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के सीमावर्ती कस्बे बिलासपुर में सोमवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोग नींद से जागे भी नहीं थे और जांच एजेंसियों की गाड़ियों का बड़ा काफिला शहर में दाखिल हो गया। उत्तराखंड बॉर्डर से सटी पॉश बत्रा कॉलोनी में गाड़ियों के रुकते ही सन्नाटा पसर गया। यह कार्रवाई आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की संयुक्त टीम द्वारा की गई। टीम ने इलाके के जाने-माने कारोबारी रोहताश बत्रा और मेडिसिटी हॉस्पिटल के पूर्व मालिक डॉ. दीपक छाबड़ा के आवासों पर एक साथ दस्तक दी। इसी दौरान टीम ने रोहताश बत्रा को मॉर्निंग वॉक से तो डॉ. दीपक छाबड़ा को जिम से अपनी हिरासत में लिया है। जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

​तड़के गाड़ियों का काफिला

​मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब पांच बजे जब चारों तरफ अंधेरा था, तभी करीब 12 से 15 चार पहिया गाड़ियां एक के बाद एक बत्रा कॉलोनी पहुंचीं। गाड़ियों से उतरे अधिकारियों ने बिना कोई वक्त गंवाए सीधे दोनों परिसरों को अपने घेरे में ले लिया। टीम के पहुंचते ही घरों के मुख्य दरवाजों को भीतर से बंद करा दिया गया ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर न जा सके और न ही अंदर से कोई बाहर निकल सके। सुरक्षा के लिहाज से मीडियाकर्मियों को भी मौके पर कवरेज करने से रोका जा रहा है। सुबह-सुबह इतनी बड़ी तादाद में केंद्रीय एजेंसियों की गाड़ियों और अफसरों को देखकर आसपास के लोग भी सन्न रह गए।

​पार्क ग्रुप से जुड़े तार


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​स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रोहताश बत्रा और डॉ. दीपक छाबड़ा मेडिसिटी हॉस्पिटल में साझेदार थे। बताया जा रहा है कि अभी कुछ ही दिन पहले मेडिसिटी हॉस्पिटल को पार्क ग्रुप के हवाले किया गया था। इस समय पार्क ग्रुप के खिलाफ भी आयकर विभाग और ईडी की सख्त कार्रवाई चल रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बिलासपुर में हुई यह छापेमारी भी पार्क ग्रुप से जुड़ी जांच की कड़ी का हिस्सा हो सकती है। दोनों ही परिवारों का इलाके में गहरा रसूख है, जिसके चलते इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

​मौके पर भारी जमावड़ा

​छापेमारी और हिरासत की खबर फैलते ही मौके पर सियासी और सामाजिक हलचल काफी तेज हो गई। इस समय शहर विधायक शिव अरोड़ा और दर्जा राज्यमंत्री सुरेश कोली समेत क्षेत्र के कई प्रभावशाली व रसूखदार लोग मौके पर डटे हुए हैं। हिरासत में लिए जाने के बाद अधिकारियों की पूछताछ जारी है और घरों में रखे बैंक खातों, अस्पताल सौदे के कागजात समेत अन्य वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। सुबह पांच बजे से शुरू हुई यह संयुक्त कार्रवाई देर रात तक जारी रही।

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