IPS आशुतोष मिश्रा ने उन मीडिया चैनलों पर तीखा हमला बोला है जिन्होंने उनकी मां की हत्या के मामले में बिना किसी ठोस सबूत या पुलिस रिपोर्ट के खबरें चलाईं। उनका आरोप है कि ये चैनल किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी का परिचय दिए बिना सिर्फ टाइपिंग मशीन की तरह खबरें चला रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि न तो इन चैनलों ने घटना की पुष्टि के लिए उनके घर संपर्क किया और न ही किसी आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया। आशुतोष मिश्रा के अनुसार, ये चैनल दावा कर रहे हैं कि लूट के जवाहरात बरामद हो गए हैं, जबकि वास्तविकता इससे कोसों दूर है। उन्होंने इन चैनलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि ये संस्थान सुधर जाएं तो देश की स्थिति काफी बेहतर हो सकती है।

​आशुतोष मिश्रा का आक्रोश केवल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने अंबेडकर नगर की पुलिस कप्तान प्राची सिंह और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एफआईआर में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि उनकी मां के मुंह में कपड़ा ठूंसकर हत्या की गई और कीमती जवाहरात लूटे गए। इसके बावजूद, पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह दावा करना शुरू कर दिया कि मामले का खुलासा हो गया है और लूटा गया सामान भी मिल गया है। आशुतोष मिश्रा ने पुलिस के इन दावों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। उनका स्पष्ट मानना है कि पुलिस बिना किसी ठोस नतीजे के सिर्फ अपनी छवि चमकाने के लिए प्रेस में झूठे बयान दे रही है।

​इस पूरी घटना ने देश की कानून-व्यवस्था और जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। आशुतोष मिश्रा ने पुलिस और पत्रकारिता दोनों को आईना दिखाते हुए जिस तरह का रुख अपनाया है, वह सिस्टम के भीतर व्याप्त खामियों को उजागर करता है। उन्होंने जिस तरह से पुलिस के आधिकारिक दावों को चुनौती दी है, वह यह सोचने पर मजबूर करता है कि जब एक IPS अधिकारी को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और पुलिस प्रशासन ही भ्रामक जानकारी फैला रहा है, तो आम जनता की सुरक्षा और न्याय की उम्मीद किस पर टिकी है। यह सवाल आज न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे सिस्टम के लिए एक गंभीर चुनौती है।

अंबेडकरनगर पुलिस का आधिकारिक खंडन

​IPS आशुतोष मिश्रा के रुख और सोशल मीडिया पर जारी बहस के बाद अंबेडकरनगर पुलिस (@ambedkarnagrpol) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। पुलिस ने अपने खंडन में लिखा कि "सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही इस सूचना का खंडन किया जाता है कि पुलिस द्वारा मृतका की ज्वेलरी बरामद कर ली गई है या इस संबंध में गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं। एफआईआर में उल्लिखित ज्वेलरी की बरामदगी अभी तक नहीं हुई है। इसके लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है जो लगातार प्रयास कर रही हैं।" पुलिस ने आमजन से अपील भी की कि वे ऐसी अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें।


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