नई दिल्ली (उत्तराखण्ड तहलका): अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2025 में दिवाली के एक कार्यक्रम के दौरान भारत-पाकिस्तान के संबंध और कश्मीर को लेकर कुछ दावे किए, जिन्हें भारत ने तुरंत खारिज कर दिया। ट्रंप के दावे और भारत की प्रतिक्रिया दावा: ट्रंप ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह दी थी कि वह पाकिस्तान के साथ "कोई युद्ध न करें" और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में मदद की थी। भारत का खंडन: प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के साथ हुई बातचीत की पुष्टि तो की, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के बारे में किसी भी चर्चा का उल्लेख नहीं किया। सरकारी सूत्रों के बयान: भारतीय सरकारी सूत्रों ने बाद में स्पष्ट किया कि फोन कॉल के दौरान पाकिस्तान पर कोई बात नहीं हुई थी। मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख और दोनों देशों के संबंधों को लेकर बात की थी। पाकिस्तान का जिक्र क्यों नहीं हुआ? ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान से संबंधित कई दावे किए थे, लेकिन मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में पाकिस्तान का जिक्र नहीं किया। यह भारत की लंबी समय से चली आ रही नीति के अनुरूप है कि कश्मीर और पाकिस्तान के साथ अन्य मुद्दों को द्विपक्षीय तरीके से सुलझाया जाए, और इसमें किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। मोदी से मुलाकात पर रोक मुलाकात रद्द: अक्टूबर 2025 में, जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और ट्रंप की मुलाकात रद्द कर दी गई थी। ट्रंप ने इज़राइल-ईरान संघर्ष के कारण एक दिन पहले ही जी7 सम्मेलन छोड़ दिया था। यह भी पढ़ें: अमेरिका में फिर से एक भारतीय मूल के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या फोन कॉल: इसके बाद, ट्रंप के अनुरोध पर ही दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई। टैरिफ का मुद्दा: ट्रंप ने भारत पर व्यापार में बाधाएँ खड़ी करने का आरोप लगाया था और धमकी दी थी कि वह भारतीय निर्यात पर भारी टैरिफ लगाएंगे। हालांकि, अक्टूबर 2025 में व्यापार वार्ता जारी रहने की खबरें थीं। ट्रंप के दावों और भारत सरकार की प्रतिक्रिया के बीच का यह अंतर एक कूटनीतिक विवाद को दर्शाता है। भारत ने अपने लंबे समय से चले आ रहे रुख को स्पष्ट करते हुए कश्मीर मुद्दे में किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार किया और पाकिस्तान के बारे में ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया। मोदी-ट्रंप की मुलाकात रद्द होने के बाद भी दोनों देशों के बीच व्यापार और अन्य मुद्दों पर बातचीत जारी रही।

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