​उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ पुलिस अभिरक्षा के दौरान मुजफ्फरनगर के कुख्यात अपराधी विनय त्यागी पर जानलेवा हमला किया गया। इस दुस्साहसिक वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और हमले की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी सनी यादव को उसके साथी अजय कुमार के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इस पूरी साजिश के पीछे गिरोह के भीतर की आपसी रंजिश और लाखों रुपयों के लेनदेन का विवाद था।

​रंगदारी के बीस लाख रुपये बने जान के दुश्मन

​पुलिस जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपी सनी यादव कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि विनय त्यागी के ही गिरोह का एक सक्रिय सदस्य था। विनय और सनी के बीच पिछले कुछ समय से बीस लाख रुपये की रंगदारी की रकम के बंटवारे को लेकर गहरा विवाद चल रहा था। सनी यादव का मानना था कि विनय त्यागी उसे उसके हिस्से की रकम देने में आनाकानी कर रहा था। इसी अपमान और आर्थिक नुकसान का बदला लेने के लिए सनी ने अपने साथी अजय कुमार के साथ मिलकर विनय को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने इस हमले के लिए उस समय को चुना जब विनय पुलिस की कड़ी निगरानी में था ताकि संदेश दिया जा सके कि वह किसी भी हद तक जा सकता है।

​सुरक्षा में भारी चूक पर पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई

​सरेराह पुलिस अभिरक्षा में हुए इस हमले ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी बल्कि विभाग की छवि पर भी दाग लगा दिया है। घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका और उनकी सतर्कता पर तत्काल प्रभाव से जांच बैठाई गई। जांच में पाया गया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाने में घोर लापरवाही बरती जिसके कारण हमलावर वारदात को अंजाम देने में सफल रहे। इसी लापरवाही का संज्ञान लेते हुए उच्चाधिकारियों ने उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार के साथ कांस्टेबल संजय और हिमांशु को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग का कहना है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​गैंगवार की आहट से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

​इस घटना के बाद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय गिरोहों के बीच गैंगवार छिड़ने की आशंका बढ़ गई है। विनय त्यागी जैसे कुख्यात अपराधी पर उसके ही साथी द्वारा हमला किए जाने से अपराध जगत में समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में क्या कोई और भी शामिल था। पुलिस प्रशासन ने अस्पताल और जेल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।


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