- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर सख़्त एक्शन
- 20 फ़र्ज़ी बाबा 'आपरेशन कालनेमि' (Operation Kalnemi) के तहत हिरासत में
- आस्था के नाम पर धोखा देने वाले 'कालनेमि' नहीं बख्शे जाएंगे-धामी
हरिद्वार, (उत्तराखण्ड तहलका): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख़्त आदेश के बाद, हरिद्वार में तीर्थयात्रियों को ठगने वाले फ़र्ज़ी बाबाओं के खिलाफ पुलिस ने ऐतिहासिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस विशेष अभियान को नाम दिया गया है 'Operation Kalnemi'। इस ऑपरेशन के तहत, पुलिस ने गंगा घाटों और मंदिर परिसर के आस-पास सक्रिय 20 'कालनेमि' को हिरासत में लिया है। शहर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि रविवार को हरकी पैड़ी क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया था। पुलिस टीमों ने घाटों पर तैनात होकर संदेहास्पद लोगों की जांच की व 20 व्यक्तियों को हिरासत में लिया।
पकड़े गए लोगों की पहचान ओमपाल निवासी गाजियाबाद, अर्जुन निवासी दरभंगा बिहार, प्रयाग गिरी निवासी पंजाब, राकेश निवासी हरिद्वार, सुरेश पंचाल उर्फ धतूरानाथ निवासी कोटा, रघुवीर निवासी झुंझुनूं, संतोष गिरी निवासी गोरखपुर, अमर सिंह निवासी कन्नौज, निर्मल सिंह निवासी हरिद्वार, अशोकनाथ निवासी अम्बाला, बाबा बालकनाथ निवासी हरिद्वार, वीरेन निवासी एटा, गजेंद्र पंवार निवासी पौड़ी, राकेश कुमार निवासी बरेली, करमु निवासी कैथल, अशोक सैन निवासी चित्तौड़गढ़, गौतम निवासी हरिद्वार, हीरा व रामदास निवासी ज्वालापुर, संजय कुमार निवासी बिहार के रूप में हुई। सभी का शांतिभंग में चालान कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री का संदेश: कोई 'कालनेमि' नहीं बचेगा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि धार्मिक स्थलों पर धोखाधड़ी की घटनाओं पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा, "तीर्थनगरी की पवित्रता भंग करने और भोले-भाले यात्रियों को डरा-धमकाकर लूटने वाले ये 'कालनेमि' किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।" मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद, पुलिस प्रशासन ने 'Operation Kalnemi' को एक सघन अभियान के रूप में शुरू किया।
ठगी का तरीका: 'कालनेमि' कैसे करते थे धोखा?
हिरासत में लिए गए इन 'कालनेमि' ठगों का मुख्य निशाना हर की पौड़ी और अन्य घाटों पर आने वाले श्रद्धालु थे। ये 'कालनेमि' साधारण वेशभूषा या साधु का भेष धारण कर यात्रियों को घेरते थे और उन्हें तंत्र-मंत्र और जादू-टोना का डर दिखाते थे।
ये 'कालनेमि' दोष निवारण के नाम पर मनमाने ढंग से मोटी रकम की मांग करते थे। परिवार पर संकट आने या बुरा भविष्य होने का भय दिखाकर ये 'कालनेमि' लोगों की आस्था का फायदा उठाते थे। यह भी पढ़े: Relief: मुख्यमंत्री धामी की घोषणा: 15 वर्षीय कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस वृद्धि पर रोकहरिद्वार पुलिस के SSP ने बताया कि 'Operation Kalnemi' को सफल बनाने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि इन फ़र्ज़ी 'कालनेमि' की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नज़र रखी जा सके।
उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी 'कालनेमि' या संदिग्ध व्यक्ति के बहकावे में न आएं और ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि 'Operation Kalnemi' के तहत यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक हरिद्वार को फ़र्ज़ी 'कालनेमि' से मुक्त नहीं कर दिया जाता।
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