हल्द्वानी/नैनीताल। उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा-गफूरबस्ती क्षेत्र में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज 16 दिसंबर 2025 को अहम सुनवाई हो रही है। इस सुनवाई में शीर्ष अदालत नैनीताल हाईकोर्ट के अतिक्रमण हटाने के आदेश पर लगे अंतरिम स्टे को जारी रखने या हटाने पर अपना फैसला सुना सकती है। अदालत का यह निर्णय क्षेत्र में रह रहे लगभग 50,000 लोगों के भविष्य का निर्धारण करेगा। पिछली दो तारीखों 2 दिसंबर और 10 दिसंबर को सुनवाई टल जाने के बाद, आज अंतिम रूप से इस मामले पर फैसला आने की प्रबल संभावना है, जिसने पूरे इलाके में तनाव और बेचैनी का माहौल पैदा कर दिया है।
​रेलवे का दावा है कि बनभूलपुरा क्षेत्र में उसकी करीब 29 एकड़ भूमि पर अवैध रूप से 4365 से अधिक परिवारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। इस अतिक्रमण को हटाने के नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। 5 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय आधार पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पर रोक (स्टे) लगा दिया था।
​आज की सुनवाई को देखते हुए बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन ने संभावित फैसले के मद्देनज़र किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है। पूरे क्षेत्र को 'जीरो जोन' घोषित कर दिया गया है, जहां बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित है। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है। निवासियों में डर और उम्मीद दोनों का मिला-जुला भाव है, क्योंकि उनका कहना है कि वे कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और उनके पास कई सरकारी दस्तावेज भी हैं। सबकी निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो कुछ ही घंटों में हजारों लोगों के भविष्य की दिशा तय कर देगा।


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