उत्तराखंड की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने अचानक अपनी जान को खतरा बता दिया। उन्होंने बहुत ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में एक बड़ा गिरोह सक्रिय है जो नेताओं के फोन टैप करवा रहा है। सुमित हृदयेश का दावा है कि उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह डर भी जताया कि उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट करवाकर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची जा सकती है।
रोते हुए मांगी न्याय की गुहार
आरोप लगाते समय कांग्रेस विधायक काफी भावुक नजर आए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। रोते हुए उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई और सरकार व प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, तो आम जनता का क्या होगा। विधायक के इस रूप को देखकर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी भारी चिंता फैल गई है।
गैरसैंण सत्र में दी बड़ी चेतावनी
अपनी बात रखते हुए सुमित हृदयेश यहीं नहीं रुके। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान वे कोई खौफनाक कदम उठा सकते हैं। उनका कहना था कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला और इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। इस बयान के सामने आते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
प्रदेश की राजनीति में मचा हड़कंप
विधायक सुमित हृदयेश के इन सनसनीखेज दावों के बाद उत्तराखंड के सियासी गलियारों में खलबली मच गई है। विपक्ष जहां इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गया है, वहीं सत्ता पक्ष से भी बयानबाजी शुरू हो गई है। हल्द्वानी से लेकर देहरादून तक अब हर जगह सिर्फ इसी बात की चर्चा है कि क्या वाकई नेताओं की जासूसी हो रही है या मामला कुछ और है।
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