भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उत्तराखंड का सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी विवाद को लेकर विपक्ष ने सीधे सरकार पर निशाना साधा है। मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देहरादून के गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के आगे बैठकर एक घंटे का मौन उपवास रखा। गोदियाल ने दो टूक कहा कि इस मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी तक जनता को नहीं मिले हैं, ऐसे में यह फैसला कई तरह के संदेह पैदा करता है।
गांधी पार्क में विरोध
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक अंकिता मामले में वीआईपी की भूमिका पूरी तरह साफ नहीं हो जाती, तब तक ऐसी नियुक्तियां सवाल खड़े करती रहेंगी। पार्टी ने साफ किया है कि यह मुद्दा सीधे तौर पर राज्य के लोगों की भावनाओं से जुड़ा है और इसके लिए वे चुप बैठने वाले नहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ, राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बिना किसी अदालती फैसले या पुख्ता सबूत के लगाए जा रहे इन आरोपों को फिलहाल विपक्ष का चुनावी दांव ही माना जा रहा है। सितंबर 2022 में हुए इस हत्याकांड में अदालत ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन वीआईपी एंगल को लेकर सियासत कभी शांत नहीं हुई।
पिता का दर्द
इधर, अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी भी जांच की धीमी रफ्तार से खासे नाराज हैं। उन्होंने हाल ही में मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कराने पर जोर दिया। इसी साल फरवरी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसके बाद अक्टूबर के महीने में सीबीआई टीम ने अंकिता के गांव पहुंचकर परिवार से पूछताछ भी की। अंकिता के माता-पिता का कहना है कि उन्हें केवल सजा नहीं, बल्कि मामले की तह तक जाकर असली सच चाहिए।
चुनावी हलचल तेज
साल 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही इस मुद्दे ने दोनों ही खेमों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस इसे बड़ा चुनावी हथियार बनाने की तैयारी में दिख रही है, तो वहीं भाजपा पर इन सियासी हमलों का जवाब तलाशने का दबाव बढ़ रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक आम जनता की नजरें अब सिर्फ इस बात पर टिकी हैं कि सीबीआई की पड़ताल में क्या नया निकलकर आता है और क्या उस कथित वीआईपी के सच पर पड़ा पर्दा आखिरकार हटेगा।
---समाप्त---