अयोध्या, उत्तर प्रदेश (Uttarakhand Tehelka): योगी सरकार अयोध्या में Guptar Ghat पर धार्मिक पर्यटन को एक अभूतपूर्व और व्यापक पहचान देने की दिशा में एक भव्य रामायण थीम पार्क का निर्माण करा रही है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं बल्कि सामान्य पर्यटकों को भी रामायण की गाथा से गहराई से जोड़ेगी। इस पार्क का निर्माण कार्य एक अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक स्थल गुप्तार घाट के पास तेजी से चल रहा है, जो इसकी धार्मिक महत्ता को और अधिक बढ़ा देता है।
अयोध्या की पर्यटन रणनीति में गुप्तार घाट का केंद्रीय स्थान
योगी सरकार की पर्यटन रणनीति अब अयोध्या को केवल राम जन्मभूमि तक सीमित नहीं रखना चाहती है, बल्कि इसका उद्देश्य रामायण सर्किट से जुड़े सभी महत्वपूर्ण स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर लाना है। इसी योजना के तहत, गुप्तार घाट (Guptar Ghat) के निकट यह विशाल थीम पार्क आकार ले रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्तार घाट वही पवित्र स्थान है जहाँ भगवान श्रीराम ने पृथ्वी पर अपनी लीला समाप्त करने के बाद जल समाधि (Ascension to Vaikuntha) ली थी।
यह स्थान राम मंदिर से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और सदियों से शांत तीर्थस्थल के रूप में पूजनीय रहा है। गुप्तार घाट के पास इस थीम पार्क का निर्माण अयोध्या के पर्यटन को एक नया और गहरा आध्यात्मिक आयाम देगा, क्योंकि यह भक्तों को राम के जीवन और उनके 'महाप्रयाण' दोनों के स्थलों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। सरकार मानती है कि गुप्तार घाट आने वाले हर श्रद्धालु को अब रामायण की गाथा का एक समग्र, कलात्मक और ज्ञानवर्धक अनुभव मिलेगा।
25 फीट की रावण प्रतिमा: राम-रावण युद्ध की कलात्मक प्रस्तुति
इस गुप्तार घाट (Guptar Ghat) रामायण थीम पार्क की सबसे बड़ी कलात्मक और सांस्कृतिक विशेषता यहाँ स्थापित की जाने वाली 25 फीट ऊंची रावण की प्रतिमा होगी। यह प्रतिमा केवल रावण को दर्शाएगी नहीं, बल्कि इसे भगवान राम और रावण के बीच हुए युद्ध के एक निर्णायक और शक्तिशाली प्रसंग को दर्शाते हुए, युद्ध की मुद्रा (Warrior Pose) में लगाया जाएगा। यह दृश्य दर्शकों को रामायण के युद्ध प्रसंग की एक जीवंत और शक्तिशाली झलक देगा, जिससे उन्हें कथा के विरोधी पात्र के शौर्य और विद्वता की भी जानकारी मिलेगी।
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इस भव्य पार्क में रावण की प्रतिमा के साथ ही, रामायण के अन्य प्रमुख पात्रों की मूर्तियां भी स्थापित की जाएंगी। इनमें भगवान श्रीराम, उनकी पत्नी माता सीता, भाई लक्ष्मण, महान भक्त हनुमान जी, वानर राज सुग्रीव, धर्मनिष्ठ भाई विभीषण, और वीर अंगद सहित अन्य महत्वपूर्ण पात्रों की भव्य मूर्तियां शामिल होंगी। इन मूर्तियों के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जो आगंतुकों को एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव और कथा की विस्तृत समझ प्रदान करेगा।
भव्य राम दरबार और निर्माण का विवरण
मूर्तियों के इस विशाल संग्रह के अलावा, गुप्तार घाट (Guptar Ghat) स्थित इस पार्क में एक भव्य राम दरबार भी तैयार किया जा रहा है। यह दरबार इस पूरे थीम पार्क का मुख्य आकर्षण होगा, जहाँ अयोध्या के सिंहासन पर विराजमान भगवान राम, माता सीता और उनके सभी प्रमुख सहयोगी एक साथ दिखाई देंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य लखनऊ की आर्ट्स विंग्स कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कंपनी यह सुनिश्चित कर रही है कि पूरा पार्क रामायण की थीम पर आधारित हो और मूर्तियों की गुणवत्ता, सामग्री और ऐतिहासिक सटीकता उच्च कोटि की हो। इस पार्क के खुलने से गुप्तार घाट (Guptar Ghat) क्षेत्र में पर्यटन और संबंधित व्यवसायों को बड़ी तेज़ी मिलेगी। इस प्रकार, यह गुप्तार घाट प्रोजेक्ट न केवल सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि यह अयोध्या के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह पहल सुनिश्चित करती है कि राम की भूमि अयोध्या में सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण आधुनिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हो सके।
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