बरेली (Uttarakhand Tehelka)। bareilly violence new updates- बरेली में 26 सितंबर को हुए उपद्रव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के मामले में नामित मुख्य साजिशकर्ता और आईएमसी (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला ने तौकीर रजा की जमानत याचिका को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। इस फैसले के साथ ही उनके पाँच अन्य सहयोगियों की जमानत अर्जियां भी नामंजूर कर दी गईं, जिससे इस Bareilly Violence मास्टरमाइंड और उसके साथियों की न्यायिक हिरासत लम्बी हो गई है।

उकसावे भरे ऐलान ने बनाया माहौल
26 सितंबर को Bareilly Violence की यह घटना ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर से जुड़े विवाद के बाद घटी। दरगाह आला हजरत परिवार से संबंधित मौलाना तौकीर रजा ने इस विवाद को लेकर एक विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। यह घोषणा तब की गई जब पूरे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 (नई BNS 163) लागू थी। प्रशासन ने किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जमावड़े की अनुमति नहीं दी थी।
बावजूद इसके, Bareilly Violence मास्टरमाइंड ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके पुलिस और प्रशासन को खुली चुनौती दी। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा था कि प्रशासन अगर उन्हें रोकने की कोशिश करता है, तो उसके लिए पुलिस और प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होंगे। इन उकसावे भरे बयानों को भीड़ को भड़काने के मुख्य कारण के रूप में देखा जा रहा है।
यह भी पढ़ें: Bareilly Violence: मौलाना तौकीर के खिलाफ 9 अन्य मुकदमों में वारंट जारी
नमाज के बाद शहर में फैला अराजकता का माहौल
26 सितंबर को जुमा की नमाज खत्म होते ही, विभिन्न मस्जिदों से निकली हजारों लोगों की भीड़ शहर के कई हिस्सों में जमा होने लगी। भीड़ ने तुरंत ही पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और इस्लामिया ग्राउंड की ओर बढ़ने की कोशिश की। जब पुलिस ने इस अवैध मार्च को रोकने का प्रयास किया, तो भीड़ ने भारी पथराव किया। पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, भीड़ में शामिल कुछ तत्वों ने पेट्रोल बम फेंके और फायरिंग भी की। उपद्रवियों ने वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिसकर्मियों का वायरलेस सेट तथा एक पुलिस गन भी लूट ली। पुलिस को अंततः स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
12 मुकदमे और कड़े कानून का साया
हिंसा के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पाँच थानों में कुल 12 मुकदमे दर्ज किए, जिनमें से अधिकांश पुलिस वादी है। Bareilly Violence मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा पर दंगा भड़काने, हिंसा के लिए उकसाने, सरकारी काम में बाधा डालने और हत्या की साजिश जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
उनके वकील सुनील सक्सेना ने टिप्पणी की कि वर्तमान कानूनी धाराओं को देखते हुए, अगले छह महीने के भीतर जमानत मिलना लगभग असंभव है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यदि प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की, तो Bareilly Violence मास्टरमाइंड की रिहाई कम से कम एक साल तक नहीं हो पाएगी।
250 करोड़ की संपत्ति पर सरकारी एक्शन
सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद, बरेली प्रशासन ने हिंसा में शामिल लोगों पर वित्तीय प्रहार किया है। Bareilly Violence मास्टरमाइंड के साथ-साथ उनके सहयोगियों की अवैध रूप से अर्जित की गई करीब 250 करोड़ रुपये की संपत्तियां सील और ध्वस्त की गई हैं। यह कार्रवाई डॉ. नफीस के 5 करोड़ के बारातघर और एक सपा पार्षद के अवैध चार्जिंग स्टेशन पर भी हुई है। अब तक 105 लोगों को जेल भेजा जा चुका है, और पुलिस सात फरार आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर चुकी है। कोर्ट का यह फैसला यह सुनिश्चित करता है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।