(उत्तराखण्ड तहलका): फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने 21 अक्टूबर, 2025 को पेरिस की ला सैंटे जेल में अपनी पाँच साल की सज़ा काटनी शुरू की। यह सज़ा उन्हें 2007 के चुनाव अभियान के लिए लीबिया के दिवंगत तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी से अवैध रूप से धन लेने के मामले में आपराधिक साजिश रचने के आरोप में सुनाई गई थी। जेल जाने से पहले, सरकोजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक लंबा संदेश पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया। सरकोजी के सोशल मीडिया संदेश के मुख्य बिंदु: निर्दोषता का दावा: उन्होंने लिखा कि आज एक निर्दोष व्यक्ति को कैद किया जा रहा है, न कि गणतंत्र के पूर्व राष्ट्रपति को। सत्य की जीत का विश्वास: उन्होंने कहा कि उन्हें कोई संदेह नहीं है और सच्चाई की जीत होगी। प्रतिशोध का आरोप: उन्होंने अपनी कैद को प्रतिशोध और नफरत का परिणाम बताया। जेल की सज़ा से जुड़े अन्य विवरण: सज़ा: सरकोजी को सितंबर 2025 में इस मामले में पाँच साल की सज़ा सुनाई गई थी। हालाँकि, उनकी कानूनी टीम ने अपील की है। यह भी पढ़ें: अमेरिका में फिर से एक भारतीय मूल के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या अपवाद: यह फैसला अभूतपूर्व है, क्योंकि एक न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाया कि अपील पर सुनवाई होने से पहले ही सरकोजी को जेल की सज़ा शुरू करनी होगी। सुरक्षा के कारण: सुरक्षा कारणों से, सरकोजी को एकांत कारावास या कमजोर कैदियों के लिए बने वीआईपी सेक्शन में रखा जा सकता है। व्यक्तिगत वस्तुएँ: खबरों के मुताबिक, सरकोजी अपने साथ कुछ कपड़े और परिवार की 10 तस्वीरें लेकर गए हैं।
---समाप्त---फ्रांस: गले लगे, किस किया और पांच साल के लिए जेल चले गए पूर्व राष्ट्रपति...खुद को बताया निर्दोष
Oct 21, 2025
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका,
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका,